Ranchi: झारखंड में JPSC, JSSC, CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को अचानक उग्र हो गया। रांची के पुराने विधानसभा परिसर के बाहर कई दिनों से धरना और उपवास कर रहे हजारों छात्र और अभिभावक सोमवार सुबह विधानसभा घेराव के लिए निकल पड़े। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगाए गए कई बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़े छात्र
सुबह करीब 10 बजे पुराने विधानसभा परिसर के बाहर छात्र बड़ी संख्या में जुटे। हाथों में अपनी मांगों से जुड़े पोस्टर और नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी विधानसभा की तरफ आगे बढ़े। पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी कई स्थानों पर बैरिकेड पार करते हुए आगे बढ़ते रहे।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, रास्ते में करीब 10 से 12 स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। छात्रों की भीड़ लगातार आगे बढ़ती रही और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
एक किलोमीटर पहले पुलिस ने संभाला मोर्चा
विधानसभा से करीब एक किलोमीटर पहले पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा घेरा मजबूत किया। यहां छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। हालात बिगड़ने पर पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और वाटर कैनन का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों के घायल होने की जानकारी है। वहीं, पुलिसकर्मियों के भी चोटिल होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद छात्रों का समूह पीछे हटने के बजाय विधानसभा की ओर बढ़ता रहा।
विधानसभा गेट के पास आंसू गैस के गोले दागे
प्रदर्शनकारी जब विधानसभा के गेट नंबर 1, 2, 3 और 4 के आसपास पहुंचे तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए। बाद में बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा के गेट नंबर 1 के पास पहुंच गए और वहीं बैठकर धरना शुरू कर दिया। इससे विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
निष्पक्ष जांच की मांग
आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार उठ रहे सवालों ने पूरी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर असर डाला है। छात्र चाहते हैं कि विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
छात्र संगठनों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में अभ्यर्थियों को लंबे समय तक अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है।
आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। विधानसभा के बाहर छात्रों के धरने और पुलिस कार्रवाई के बाद अब यह मामला और गरमाने के आसार हैं।










