रायबरेली: स्वतंत्रता दिवस से पहले रायबरेली में बुधवार को देशभक्ति का नजारा देखने को मिला। हर घर तिरंगा अभियान (Har Ghar Tiranga Abhiyan) के तहत जिला प्रशासन की ओर से शहर में भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे करीब 1500 छात्र-छात्राओं की कतार जब शहर की सड़कों से गुजरी तो पूरा माहौल राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग गया। रैली का उद्देश्य लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देश की एकता का संदेश देना रहा।
डीएम ने तिरंगा दिखाकर किया रैली का शुभारंभ
रैली का शुभारंभ राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से हुआ। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने हरी झंडी दिखाकर तिरंगा रैली को रवाना किया। इसके बाद वह स्वयं हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर विद्यार्थियों के साथ रैली में शामिल हुईं। मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता और जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने भी तिरंगा थामकर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।

पांच विद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
रैली में राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, वैदिक इंटर कॉलेज और आचार्य द्विवेदी इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की मौजूदगी ने रैली को खासा व्यापक रूप दिया। राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स भी पूरे अनुशासन के साथ शामिल रहे।
रैली में शामिल विद्यार्थियों के हाथों में लहराता तिरंगा और देशभक्ति से जुड़ा उत्साह आकर्षण का केंद्र रहा। बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी ने स्वतंत्रता दिवस से पहले शहर में राष्ट्रीय पर्व जैसा माहौल बना दिया।
शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी तिरंगा रैली
राजकीय इंटर कॉलेज से निकली रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी। रैली का मार्ग जिला अस्पताल, खालसा चौक, सुपर मार्केट, घंटाघर, कोतवाली और कचहरी से होकर गुजरा। इसके बाद तिरंगा यात्रा वापस राजकीय इंटर कॉलेज परिसर पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।
रास्ते भर विद्यार्थियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर लोगों को देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। रैली में शामिल एनसीसी कैडेट्स की अनुशासित टुकड़ियां भी लोगों का ध्यान खींचती रहीं।
जनभागीदारी बढ़ाने पर प्रशासन का जोर
हर घर तिरंगा अभियान के जरिए जिला प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया। प्रशासन की कोशिश है कि राष्ट्रीय ध्वज केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि हर घर और हर परिवार तक देशभक्ति की भावना पहुंचे।
कार्यक्रम में विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, एनसीसी कैडेट्स, संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी ने तिरंगा रैली को यादगार बना दिया।










