Raebareli: दो घंटे की बारिश ने खोली बछरावां नगर पंचायत की पोल, गलियां बनीं जलाशय

Raebareli: घरों और सीएचसी परिसर में घुसा बारिश का पानी, जलभराव से आम जनजीवन बेहाल

Raebareli: रविवार सुबह करीब दो घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने बछरावां नगर पंचायत की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। तेज बारिश के बाद नगर पंचायत क्षेत्र की शायद ही कोई ऐसी गली बची हो, जहां जलभराव न हुआ हो। कई मोहल्लों में गलियां जलाशय में तब्दील हो गईं और बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। नालियों का पानी वापस घरों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

गलियों में भरा पानी, घरों तक पहुंचा नालियों का गंदा पानी

बारिश थमने के बाद भी कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनी रही। कुछ जगहों पर नालियों का पानी उल्टा घरों की ओर आने लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में यही समस्या सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। महज दो घंटे की बारिश में जब यह हाल है तो लगातार बारिश होने पर स्थिति कितनी बिगड़ सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए जलभराव के वीडियो

बारिश के बाद बछरावां नगर पंचायत की अलग-अलग गलियों में जलभराव के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। वीडियो में कई रास्ते पानी में डूबे दिखाई दिए। लोगों ने इन तस्वीरों और वीडियो के जरिए नगर पंचायत की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून से पहले नालों की सफाई और पानी की निकासी को लेकर पर्याप्त तैयारी होनी चाहिए थी।

CHC परिसर में भी जमा हुआ पानी

जलभराव का असर बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में भी देखने को मिला। अस्पताल परिसर में पानी भरने से मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर पानी जमा होने से व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

जल सत्याग्रह कर जताया विरोध

जलभराव की समस्या को लेकर पूर्व नगर पंचायत प्रत्याशी एवं समाजवादी पार्टी के जिला सचिव प्रमोद चौधरी, एडवोकेट हेमंत कुशवाहा सहित सपा कार्यकर्ताओं ने CHC परिसर में जल सत्याग्रह किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पंचायत की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि बारिश से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त की जातीं तो लोगों को इस परेशानी से नहीं जूझना पड़ता।

मौके पर पहुंचे नगर पंचायत अध्यक्ष, शुरू हुई पानी निकासी

विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष मौके पर पहुंचे। इसके बाद कर्मचारियों को तत्काल जल निकासी के काम में लगाया गया। पंपिंग सेट और इंजन की सहायता से CHC परिसर तथा आसपास जमा पानी निकालने का काम शुरू कराया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम देर तक मौके पर जुटी रही।

ईओ ने बताई जलभराव की दूसरी वजह

नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राम आशीष वर्मा ने जलभराव को लेकर सफाई देते हुए बताया कि कई स्थानों पर नालियों के ऊपर स्थानीय लोगों ने चबूतरे बना रखे हैं। इससे नालियों की पूरी सफाई नहीं हो पाती और पानी के बहाव में बाधा आती है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में नालियों की व्यापक सफाई कराई गई है और कई नालों को आपस में जोड़कर निकासी व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया गया है।

अब स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय लोगों की मांग है कि हर बारिश में पंप लगाकर पानी निकालने के बजाय जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। इसके लिए नालों की नियमित सफाई, बाधित जल निकासी मार्गों की जांच और नालियों के ऊपर बने चबूतरों की स्थिति की समीक्षा जरूरी है। लोगों का कहना है कि बारिश से पहले तैयारी मजबूत होगी तभी आने वाले दिनों में जलभराव से राहत मिल सकेगी।

दो घंटे की बारिश ने छोड़ दिए कई सवाल

बछरावां में हुई इस बारिश ने नगर पंचायत की मानसूनी तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पानी निकालने का काम जारी है, लेकिन असली चुनौती यह है कि अगली तेज बारिश में हालात दोबारा न बिगड़ें। अब लोगों की नजर नगर पंचायत की ओर से जल निकासी को लेकर उठाए जाने वाले स्थायी कदमों पर है।

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