Indore में AIMIM नेता ने लगाए ब्लैकमेलिंग के आरोप, करीबी पर झूठे रेप केस में फंसाने की साजिश का दावा

Indore: पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर मोहम्मद रफीक अंसारी ने निष्पक्ष जांच की मांग की, कॉल डिटेल से लेकर DNA और मेडिकल जांच कराने की रखी मांग

Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्लैकमेलिंग और कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए AIMIM नेता मोहम्मद रफीक अंसारी ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। शिकायत में उन्होंने अपने करीबी रहे समीर अंसारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रफीक का दावा है कि उनकी छवि खराब करने के लिए एक अज्ञात महिला के माध्यम से दुष्कर्म और बंधक बनाने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

अज्ञात महिला के आरोपों को रफीक ने बताया साजिश

रफीक अंसारी का कहना है कि जिस महिला की ओर से उनके खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं, उसे वह जानते तक नहीं हैं। उनका दावा है कि उन्होंने न तो कभी उस महिला को देखा और न ही उसकी आवाज सुनी है। ऐसे में उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को उन्होंने पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।

रफीक के मुताबिक, पूरे मामले का मकसद उन्हें सार्वजनिक रूप से बदनाम करना और राजनीतिक तौर पर नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच करने की अपील की है।

चुनाव को लेकर शुरू हुआ था विवाद

शिकायत में रफीक अंसारी ने समीर अंसारी के साथ विवाद की वजह रानीपुरा क्षेत्र से चुनाव लड़ने को बताया है। उनका कहना है कि चुनाव को लेकर दोनों के बीच मतभेद बढ़े थे। इसी विवाद के बाद उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई।

रफीक ने आरोप लगाते हुए कहा कि विवाद के बाद उन पर राजीनामा करने का दबाव बनाया जाने लगा। उनका दावा है कि समीर अंसारी और संबंधित महिला की ओर से भी समझौते के लिए दबाव बनाने की कोशिश की गई।

पुलिस से तकनीकी जांच की मांग

मामले को स्पष्ट करने के लिए AIMIM नेता ने पुलिस के सामने कुछ महत्वपूर्ण जांच कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है।

उन्होंने पुलिस से इन बिंदुओं की जांच की मांग की है:

  • संबंधित लोगों की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की जाए।
  • आरोपों की पुष्टि के लिए DNA और मेडिकल जांच कराई जाए।

बोले- दोषी हूं तो सजा मिले

रफीक अंसारी ने पुलिस के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यदि जांच में वह दोषी पाए जाते हैं तो कानून के मुताबिक उन्हें सजा मिलनी चाहिए। लेकिन अगर आरोप गलत साबित होते हैं तो झूठे आरोप लगाने और कथित तौर पर साजिश रचने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

उनका कहना है कि वह जांच से पीछे नहीं हट रहे हैं और चाहते हैं कि पुलिस उपलब्ध तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निष्कर्ष तक पहुंचे।

अब पुलिस जांच पर टिकी नजर

फिलहाल इस शिकायत के बाद मामले में पुलिस की जांच अहम मानी जा रही है। रफीक अंसारी द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता और पूरे विवाद के पीछे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। शिकायत में सामने आए आरोपों के आधार पर पुलिस किन पहलुओं की जांच करती है, इस पर अब सभी की नजर है।

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