Raebareli: रायबरेली शहर के वार्ड नंबर 25 स्थित छोटा घोसियाना में बारिश ने विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने ला दी है। विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। शहर के वार्ड नंबर 25, छोटा घोसियाना में सीवर पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कें अब स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई हैं। कार्य पूरा होने के बाद सड़कों की समुचित मरम्मत न होने से पहली ही तेज बारिश में सड़कें कीचड़ और जलभराव से लबालब हो गईं।
सीवर पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद सड़क को पूर्व की स्थिति में लाने के लिए जरूरी मरम्मत नहीं की गई। बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इनमें पानी भर जाने से गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।

कीचड़ और जलभराव से राह चलना मुश्किल
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के बाद वार्ड की सड़कें कीचड़ के दलदल में तब्दील हो गई हैं। पैदल निकलने वाले लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक गड्ढों और फिसलन के कारण गिरकर चोटिल होने की आशंका से परेशान हैं। कई स्थानों पर सड़क पर पानी जमा होने के कारण आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।
गंदगी और बदबू ने बढ़ाई परेशानी
जलभराव के साथ ही क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी बढ़ गई है। पानी के साथ कचरा सड़क पर फैल रहा है। लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इससे स्थानीय लोगों को डेंगू, मलेरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा सताने लगा है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि विकास कार्य उनके लिए सुविधा का माध्यम बनने के बजाय परेशानी का कारण बन गया है।
क्षेत्रीय लोगों ने नगर पालिका और संबंधित कार्यदायी संस्था से मांग की है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, गड्ढों को भरा जाए और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न उठानी पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग के लोगों इस समस्या को संज्ञान में लेकर कब तक समस्या का समाधान करते है।










