Raebareli: रायबरेली कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज परिसर में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा के दौरान अव्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी का मामला सामने आया है। जनसभा में शामिल होने पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें ग्राम प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लालच देकर कार्यक्रम में लाया गया था। दावा किया गया कि उन्हें खाने-पीने सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद कथित तौर पर उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलीं।
आपको बताने की दिनांक 24 अगस्त 2026 दिन सोमवार की रात करीब 10:00 बजे यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है बताया जा रहा है कि जनसभा में शामिल होने के बाद कॉलेज परिसर के गेट को बाहर से बंद कर दिया गया। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब लोगों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं मिली और करीब एक घंटे तक किसी तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई, तो भीड़ में नाराजगी बढ़ने लगी।

गेट नहीं खुला तो दीवार फांदकर निकले लोग
वायरल वीडियो में कुछ लोग कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि जब लोगों ने बाहर जाने के लिए सुरक्षा कर्मियों से गेट खोलने की मांग की, तो तत्काल गेट नहीं खोला गया। इसके बाद कुछ लोगों ने मजबूर होकर कॉलेज परिसर की दीवार फांदकर बाहर निकलने का रास्ता अपनाया।
बाहर निकलने के बाद लोगों ने कथित अव्यवस्थाओं को लेकर जमकर अपनी नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना था कि उन्हें यह कहकर जनसभा में लाया गया था कि कार्यक्रम स्थल पर खाने-पीने और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें ऐसी सुविधाएं नहीं मिलीं।
वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में लोगों की नाराजगी और कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलने को लेकर हुई परेशानी दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसमें दिखाई दे रहे सभी लोगों की पहचान भी स्पष्ट नहीं है।
घटना के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री की जनसभा की व्यवस्थाओं और ग्रामीणों को कार्यक्रम में लाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराने या उन्हें कार्यक्रम में लाने के लिए किसी प्रकार का आश्वासन दिया गया था, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी थी, यह भी जांच का विषय बन गया है।
जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल
मुख्यमंत्री की जनसभा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा एवं व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। ऐसे में कार्यक्रम स्थल के भीतर लोगों के लिए पर्याप्त सुविधाओं की व्यवस्था और उनके आने-जाने की स्वतंत्र एवं सुरक्षित व्यवस्था को लेकर सामने आया यह मामला जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि ग्रामीणों को किन परिस्थितियों में जनसभा में लाया गया था और गेट बंद किए जाने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।










