Ramgarh: मोबाइल फोन आज सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि लोगों की निजी जिंदगी, कामकाज और जरूरी दस्तावेजों का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में फोन गुम हो जाने या चोरी हो जाने के बाद उसे दोबारा पाना किसी बड़ी राहत से कम नहीं होता। रामगढ़ पुलिस के ‘ऑपरेशन भरोसा’ ने ऐसे ही 184 लोगों को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने पिछले दो महीनों के दौरान दो चरणों में अभियान चलाकर खोए और चोरी हुए 184 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
दो चरणों में पुलिस ने चलाया अभियान

रामगढ़ पुलिस की टीम ने मोबाइल फोन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी माध्यमों की मदद से लगातार कार्रवाई की। अलग-अलग मामलों में ट्रेस किए गए मोबाइल फोन को बरामद करने के बाद उनके वास्तविक मालिकों की पहचान की गई। इसके बाद सभी मोबाइल फोन को सुरक्षित तरीके से उनके स्वामियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
एसपी कार्यालय में मालिकों को सौंपे गए मोबाइल
मोबाइल फोन बरामद होने के बाद एसपी कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान रामगढ़ के एसपी मुकेश कुमार लूनायत ने बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। लंबे समय से अपने फोन की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह पल भावुक करने वाला रहा। मोबाइल वापस मिलने की खुशी उनके चेहरों पर साफ नजर आई।
मोबाइल के साथ जरूरी जानकारी भी दी गई
कार्यक्रम का मकसद सिर्फ बरामद मोबाइल लौटाना ही नहीं था। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को यह भी समझाया कि मोबाइल फोन गुम होने या चोरी होने पर घबराने के बजाय तत्काल कानूनी और तकनीकी प्रक्रिया अपनानी चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज कराने से फोन को ट्रैक करने और बरामद करने की संभावना बढ़ जाती है।
मोबाइल गुम या चोरी होने पर ये कदम उठाएं:
- तत्काल नजदीकी थाना या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
- CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल को ब्लॉक और ट्रैक कराने की प्रक्रिया अपनाएं।
डेटा और निजी जानकारी की सुरक्षा भी जरूरी
पुलिस ने लोगों को मोबाइल फोन के साथ उसमें मौजूद निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर भी जागरूक किया। फोन खोने के बाद बैंकिंग ऐप, सोशल मीडिया, ई-मेल और अन्य जरूरी खातों के दुरुपयोग का खतरा बना रहता है। इसलिए ऐसे मामलों में समय गंवाए बिना संबंधित खातों की सुरक्षा करना और जरूरी होने पर पासवर्ड बदलना भी महत्वपूर्ण है।
पुलिस और जनता के बीच बढ़ा भरोसा
‘ऑपरेशन भरोसा’ सिर्फ 184 मोबाइल फोन बरामद करने की कार्रवाई नहीं है। यह उस भरोसे को मजबूत करने की कोशिश भी है, जो आम नागरिक पुलिस से उम्मीद करता है। लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई कर पुलिस ने यह संदेश दिया कि खोई हुई वस्तु की सूचना भी गंभीरता से ली जाती है और तकनीक की मदद से उसे वापस पाने का प्रयास किया जा सकता है।
कार्रवाई से लोगों को मिली बड़ी राहत
मोबाइल फोन में कई लोगों के जरूरी संपर्क, तस्वीरें, दस्तावेज और काम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां होती हैं। ऐसे में फोन की वापसी का मतलब केवल एक महंगा उपकरण वापस मिलना नहीं, बल्कि उससे जुड़ी कई जरूरी चीजों का वापस मिलना भी है। रामगढ़ पुलिस के इस अभियान ने 184 परिवारों को राहत देने के साथ पुलिस प्रशासन के प्रति नागरिकों के विश्वास को भी मजबूत किया है।










