Raebareli: लगातार हो रही बारिश ने गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महराजगंज तहसील क्षेत्र के चंदापुर थाना अंतर्गत पूरे मेहरबान सिंह मजरे ज्योना गांव में मंगलवार को एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान शिव मूरत पुत्र स्वर्गीय प्यारेलाल का बताया जा रहा है। गनीमत रही कि मकान गिरने के समय परिवार के सदस्य इसकी चपेट में नहीं आए और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, घर ढहने से परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह पटरी से उतर गई है।
बारिश के बीच ढह गया वर्षों पुराना मकान

परिवार के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवारें और छत पहले से ही कमजोर हो चुकी थीं। मंगलवार को अचानक मकान का एक हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा और देखते ही देखते पूरा आशियाना मलबे में तब्दील हो गया। घर गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद से परिवार के सामने सिर छिपाने की सबसे बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
पति मजदूरी के लिए बाहर, बच्चों के साथ घर संभाल रही थी महिला
पीड़ित परिवार की महिला शिल्पी ने बताया कि उनके पति रोजी-रोटी के लिए बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। उनकी कमाई से ही परिवार का खर्च किसी तरह चलता है। पति के बाहर रहने के दौरान वह बच्चों के साथ इसी कच्चे मकान में रहती थीं। बारिश शुरू होने के बाद से मकान की हालत लगातार खराब हो रही थी, लेकिन आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि तत्काल दूसरा इंतजाम किया जा सके।
मलबे में दब गया घर का जरूरी सामान
मकान गिरने के बाद परिवार की गृहस्थी भी बिखर गई। घर के अंदर रखा सामान मलबे की चपेट में आने से कई चीजें क्षतिग्रस्त हो गईं। परिवार के पास अब न तो रहने के लिए सुरक्षित छत बची है और न ही बारिश से बचने का पर्याप्त इंतजाम। फिलहाल बच्चों के साथ परिवार को खुले आसमान के नीचे समय गुजारना पड़ रहा है।
आवास के लिए प्रधान से लगाई थी गुहार
पीड़िता का कहना है कि परिवार ने पहले भी पक्का मकान दिलाने के लिए ग्राम प्रधान से कई बार गुहार लगाई थी। उनका आरोप है कि उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते आवास योजना का लाभ मिल जाता तो बारिश के इस दौर में मकान गिरने के बाद उन्हें बेघर होने की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
जर्जर मकानों के सर्वे की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के इलाकों में कई गरीब परिवार आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। लगातार बारिश ऐसे परिवारों के लिए खतरा बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में जर्जर मकानों का सर्वे कराने और पात्र परिवारों को सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले लोगों को सुरक्षित किया जा सके।










