Raebareli: ऊंचाहार थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने दो लोगों पर अपने बेटे से ई-रिक्शा के जरिए मिठाई की ढुलाई कराने, मजदूरी मांगने पर कथित रूप से मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। शुक्रवार, 4 सितंबर को पीड़िता एसपी कार्यालय पहुंची और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शिकायतकर्ता नीलम गुप्ता पत्नी राजेश गुप्ता के मुताबिक उनका बेटा रौनक ई-रिक्शा लोडर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। आरोप है कि ऊंचाहार निवासी दीपक मौर्या द्वारा रौनक के ई-रिक्शा से अलग-अलग स्थानों पर मिठाई की ढुलाई और सप्लाई कराई जाती थी। महिला के अनुसार मदारीगंज सहित कई स्थानों पर स्थित मकानों और गोदामों से मिठाई लोड कराकर आसपास के क्षेत्रों में पहुंचाने का काम रौनक से कराया जाता था।

शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि 26 अगस्त की रात से 27 अगस्त तक रौनक से लगातार मिठाई की ढुलाई कराई गई। रात करीब 11 बजे वह खाना खाने के लिए घर पहुंचा था। आरोप है कि कुछ देर बाद दोबारा फोन कर उसे बुलाया गया। काम करने से मना करने पर कथित तौर पर मजदूरी रोकने की धमकी दी गई, जिसके बाद रौनक को दोबारा ढुलाई के लिए जाना पड़ा।
पीड़िता का आरोप है कि काम पूरा होने के बाद जब रौनक ने अपनी मजदूरी मांगी तो दीपक मौर्या ने उसके साथ कथित रूप से मारपीट की। साथ ही गोदामों और वहां होने वाली गतिविधियों की जानकारी अन्य लोगों को बताने का आरोप लगाते हुए उसे धमकाया गया।
महिला का यह भी आरोप है कि घटना के बाद रौनक को अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर धमकियां दी गईं। वहीं, जब उसने दीपक मौर्या से फोन पर बातचीत की तो उसे भी कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत में दीपू मौर्या पर भी धमकाने का आरोप लगाया गया है।
नीलम गुप्ता के मुताबिक उन्होंने 28 अगस्त को ऊंचाहार थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। मामले में अब एसपी कार्यालय पहुंचकर पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
पीड़िता ने पुलिस को कॉल डिटेल समेत अन्य साक्ष्य उपलब्ध होने की बात कही है। अब पुलिस अधीक्षक के स्तर से मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










