Raebareli में जर्जर सड़क पर अनोखा प्रदर्शन, बालापुर ITI रोड पर कराई सत्यनारायण कथा; अधिकारियों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना

Raebareli: रायबरेली शहर में बदहाल और जर्जर सड़कों को लेकर शुक्रवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। 4 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 2 बजे बालापुर आईटीआई (ITI) रोड पर स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों ने सड़क की दुर्दशा के विरोध में सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों ने कथा के माध्यम से नगर पालिका अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की, ताकि शहर की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान दिया जा सके और विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बालापुर आईटीआई रोड लंबे समय से खराब हालत में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। सड़क की बदहाली के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

इसी नाराजगी को अलग अंदाज में सामने रखते हुए प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही सत्यनारायण कथा का आयोजन किया। कथा के दौरान लोगों ने श्रद्धा के साथ भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी और नगर पालिका अध्यक्ष समेत संबंधित अधिकारियों को सद्बुद्धि मिलने की प्रार्थना की। कथा समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं और मौके पर मौजूद लोगों को प्रसाद भी वितरित किया गया।

करीब एक घंटे बाधित रहा आवागमन

सड़क पर आयोजित विरोध प्रदर्शन और कथा के चलते बालापुर आईटीआई रोड पर करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर लोगों की मौजूदगी के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान शहर की जर्जर सड़कों और अन्य जनसमस्याओं की ओर आकर्षित करना है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नगर पालिका को शहर के विकास और सड़क निर्माण समेत विभिन्न कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि उपलब्ध धन का सदुपयोग करते हुए जनता को बेहतर सड़क, जलनिकासी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

लोगों ने मांग की कि बालापुर आईटीआई रोड की जल्द जांच कराकर उसकी मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।

सत्यनारायण कथा के जरिए किया गया यह विरोध शहर में चर्चा का विषय बना रहा। लोगों का कहना था कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अब उन्हें विरोध के अलग-अलग तरीके अपनाने पड़ रहे हैं।

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