Shri Krishna Janmashtami 2026: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत सोनडीहा गांव में धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला। पर्व को लेकर गांव में विशेष आयोजन किया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समिति सोनडीहा की ओर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बालिकाएं, बच्चे, युवा और ग्रामीण बुद्धिजीवी शामिल हुए। धार्मिक जयकारों के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे गांव का माहौल भक्तिमय कर दिया।
मंदिर परिसर से शुरू हुई कलश यात्रा

सोनडीहा मंदिर परिसर से कलश यात्रा की शुरुआत हुई। सिर पर कलश लेकर महिलाएं और बालिकाएं धार्मिक उत्साह के साथ यात्रा में आगे बढ़ीं। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आस्था साफ नजर आई। गांव के धार्मिक युवाओं और अन्य ग्रामीणों ने भी पूरे आयोजन में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
भुतही नाला पहुंचकर हुआ विधि-विधान से पूजन
करीब पांच किलोमीटर लंबी कलश यात्रा गांव के विभिन्न रास्तों से होते हुए भुतही नाला पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की। विधि-विधान से पूजन के बाद कलश में जल भरा गया। इसके पश्चात श्रद्धालु उसी धार्मिक उत्साह के साथ वापस सोनडीहा मंदिर पहुंचे।
मंदिर परिसर में शुरू हुआ 24 घंटे का अखंड हरि कीर्तन
कलश यात्रा के मंदिर परिसर पहुंचने के बाद 24 घंटे के अखंड हरि कीर्तन की शुरुआत की गई। कीर्तन स्थल पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की और भक्ति गीतों के माध्यम से वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। आयोजन के दौरान गांव के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
भाईचारे और गांव की खुशहाली के लिए आयोजन
पूजा में शामिल जीबलाल महतो, अजय कुमार साहू और धनेश्वर महतो ने बताया कि सोनडीहा के ग्रामीण हर वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर इस धार्मिक आयोजन को करते हैं। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि गांव में आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक एकता को मजबूत करना भी है। ग्रामीणों ने गांव में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
अधर्म पर धर्म की जीत का देता है संदेश
ग्रामीणों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अधर्म, अन्याय और दुष्ट प्रवृत्तियों के अंत के लिए हुआ था। जन्माष्टमी का पर्व लोगों को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
समिति को आयोजन की सफलता का श्रेय
सोनडीहा में आयोजित कलश यात्रा और अखंड हरि कीर्तन को सफल बनाने में कृष्ण जन्माष्टमी समिति सोनडीहा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ग्रामीणों की सहभागिता ने आयोजन को भव्य रूप दिया। कलश यात्रा से लेकर अखंड कीर्तन तक श्रद्धालुओं में उत्साह बना रहा और पूरा सोनडीहा गांव कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आया।










