Raebareli: अमृत योजना के तहत सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें बारिश के बाद लोगों के लिए मुसीबत बन गई हैं। नगर पालिका क्षेत्र के सर्वोदय नगर में रेलवे लाइन के समीप सीवर पाइप डालने के बाद सड़क की इंटरलॉकिंग तो करा दी गई, लेकिन बारिश होते ही सड़क कई स्थानों पर धंस गई। सीवर के चेंबर और पाइप के दोनों तरफ करीब तीन से चार फुट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे रास्ते पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित है।
आपको बता दे कि आज दिनांक 16 सितंबर 2026 दिन बुधवार को समय करीब 9:00 बजे स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन डालने के दौरान सड़क की भराई और निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई। ऊपर से सड़क को समतल कर इंटरलॉकिंग करा दी गई, लेकिन पहली ही तेज बारिश ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। सड़क धंसने से जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें वाहन फंसने और लोगों के गिरने का खतरा बना हुआ है।

शिकायत के बाद गड्ढा भरने के बजाय और खोद दिया
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क धंसने की शिकायत संबंधित विभाग से की गई थी। आरोप है कि समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पहले से खराब सड़क को और खोद दिया और इसके बाद वहां से चले गए। इससे रास्ते की स्थिति और खराब हो गई तथा लोगों का आवागमन लगभग बंद हो गया।
एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड तक पहुंचना मुश्किल
रास्ता खराब होने के कारण स्थानीय लोगों को सबसे बड़ी चिंता आपात स्थिति को लेकर है। लोगों का कहना है कि यदि किसी घर में अचानक कोई बीमार हो जाए या आग जैसी घटना हो जाए तो एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहन भी आसानी से घरों तक नहीं पहुंच पाएंगे। स्कूली बच्चों के वाहनों और दोपहिया वाहनों के आवागमन में भी परेशानी हो रही है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत हो रही है। बुजुर्गों और पैदल राहगीरों के लिए भी गड्ढों और कीचड़ से भरे रास्ते से गुजरना जोखिम भरा बना हुआ है। आवागमन बाधित होने से मोहल्ले के लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है।

ठेकेदारों पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप
स्थानीय लोगों ने अमृत योजना के तहत कराए गए कार्य में संबंधित ठेकेदारों पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि सड़क की खुदाई के बाद मानकों के अनुरूप मिट्टी और अन्य सामग्री से भराई तथा दबाव का कार्य कराया गया होता तो बारिश के बाद इस तरह सड़क नहीं धंसती।
लोगों ने संबंधित विभाग और नगर पालिका प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने, धंसे हिस्सों को मानक के अनुरूप दोबारा दुरुस्त कराने और आवागमन बहाल कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो दुर्घटना के साथ-साथ किसी आपात स्थिति में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।










