बोकारो थर्मल: डीवीसी के बोकारो थर्मल पावर स्टेशन (BTPS) के छाई प्वाइंट पर रविवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू करने पहुंचे विस्थापितों और वहां काम करने वाले मजदूरों के बीच विवाद हो गया। गोविंदपुर रैयत विस्थापित संघर्ष समिति ने पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत आंदोलन की तैयारी की थी। इसी क्रम में बड़ी संख्या में आंदोलनकारी छाई प्वाइंट के गेट पर पहुंचे।
गेट पर रोकने को लेकर शुरू हुआ विवाद

आंदोलनकारियों के छाई प्वाइंट परिसर में प्रवेश करने को लेकर मजदूरों ने आपत्ति जताई। मजदूरों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। कुछ देर के लिए गेट के आसपास अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
मजदूरों ने वेतन नहीं मिलने की रखी बात
विवाद के दौरान छाई प्वाइंट पर काम करने वाले मजदूरों ने अपनी परेशानी सामने रखी। मजदूरों का कहना था कि आंदोलन के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें पिछले करीब चार महीने से वेतन नहीं मिला है। उनका कहना था कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण परिवार चलाने में मुश्किलें बढ़ रही हैं और काम रुकने से उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
विस्थापित बोले- मजदूरों से नहीं, प्रबंधन से है लड़ाई
दूसरी ओर आंदोलन कर रहे विस्थापितों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध छाई प्वाइंट पर काम करने वाले मजदूरों के खिलाफ नहीं है। उनका आंदोलन डीवीसी प्रबंधन से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर है। समिति के लोगों ने कहा कि वे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत चक्का जाम करने पहुंचे थे और उनका उद्देश्य अपनी मांगों को प्रबंधन तक पहुंचाना है।
दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से बढ़ा तनाव
मजदूरों और आंदोलनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद छाई प्वाइंट के आसपास कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी घटना को लेकर चर्चा होती रही। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस पहुंची, दोनों पक्षों को कराया शांत
घटना की जानकारी मिलने के बाद बोकारो थर्मल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। दोनों पक्षों से घटना को लेकर पूछताछ भी की गई।
झड़प के बाद छाई प्वाइंट परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस की मौजूदगी बनी रही। प्रशासन की कोशिश रही कि विवाद आगे न बढ़े और किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। आंदोलन और मजदूरों के बीच बने तनाव को देखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही थी।










