Jamshedpur: जमशेदपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बागुनहातु क्षेत्र के निचले हिस्से में नदी का पानी कई घरों के अंदर तक पहुंच गया। अचानक बढ़े पानी के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार अपने घरों में पानी भरने के बाद सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखने में जुटे नजर आए।
खतरे के निशान के ऊपर बह रही स्वर्णरेखा

लगातार बारिश के कारण स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण आसपास के निचले क्षेत्रों पर इसका सीधा असर पड़ा है। बागुनहातु में स्थिति खास तौर पर चिंताजनक बनी हुई है। नदी का पानी धीरे-धीरे रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ा और देखते ही देखते कई घरों के आंगन तक पहुंच गया।
घरों की रसोई तक पहुंचा पानी
बागुनहातु के निचले इलाके में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का पानी सिर्फ बाहर तक सीमित नहीं रहा। कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है। कुछ मकानों की रसोई और आंगन में भी पानी भर गया है। घर के अंदर पानी आने से लोगों के सामने खाने-पीने का सामान, जरूरी घरेलू वस्तुएं और अन्य सामान सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। स्थानीय लोग लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
आम जनजीवन पर पड़ा सीधा असर
इलाके में पानी भरने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। घर से बाहर निकलने में लोगों को परेशानी हो रही है। निचले रास्तों पर पानी जमा होने के कारण आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। बारिश जारी रहने और नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि अगर नदी का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन से राहत की अपील
बाढ़ की स्थिति से परेशान स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द राहत और मदद उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके साथ ही जलभराव वाले इलाकों में राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी जरूरत है।
जलस्तर बढ़ने से बढ़ी चिंता
स्वर्णरेखा नदी के बढ़ते जलस्तर ने बागुनहातु के निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के बीच लोगों की नजर अब नदी के जलस्तर और प्रशासन की तैयारियों पर टिकी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में किसी तरह की बड़ी परेशानी से बचा जा सके।










