Indore: MY हॉस्पिटल में मरीज को भर्ती कराने पहुंचे एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित नासीफ खान का आरोप है कि अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। घटना 25 सितंबर की शाम करीब छह बजे की बताई जा रही है। पीड़ित का कहना है कि घटना के 72 घंटे बाद भी FIR दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है।
मरीज को भर्ती कराने पहुंचे थे पत्रकार

नासीफ खान के मुताबिक, वह 25 सितंबर को दोपहर करीब 3:30 बजे अपने ससुर अब्दुल जब्बार को भर्ती कराने MY अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल के प्रवेश द्वार पर रोक होने के कारण परिवार को कुछ देर बाहर इंतजार करना पड़ा। शाम करीब छह बजे वह अपनी पत्नी और दो सालियों के साथ अस्पताल की पहली मंजिल पर पहुंचे।
डॉक्टर के राउंड का हवाला देकर बाहर जाने को कहा
पीड़ित के अनुसार, अस्पताल के कर्मचारियों ने डॉक्टर के राउंड पर होने की बात कहते हुए उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ ग्राउंड फ्लोर पर आ गए। इसी दौरान उनकी एक साली पहली मंजिल पर ही रह गई। उसे बुलाने के लिए नासीफ दोबारा ऊपर पहुंचे।
गार्डों से कहासुनी के बाद विवाद बढ़ने का आरोप
नासीफ का आरोप है कि ऊपर मौजूद दो सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोकते हुए धक्का दिया। उन्होंने विरोध किया तो कथित तौर पर उन्हें धमकाया गया। पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने अपना परिचय पत्रकार के रूप में दिया, लेकिन विवाद शांत होने के बजाय बढ़ गया।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद करीब सात से आठ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान उनकी पत्नी और साली ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी कथित तौर पर गाली-गलौज की गई। नासीफ के मुताबिक, हमले में उनके बाएं हाथ में गंभीर चोट आई है। पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी मुक्कों से हमला किए जाने का आरोप है।
MLC नहीं बनने की भी शिकायत
नासीफ खान का कहना है कि घटना के बाद भी उनकी मेडिकल लीगल रिपोर्ट यानी MLC नहीं बनाई गई है। उनका आरोप है कि मामले को लेकर उन्होंने पुलिस से मदद लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिली। पीड़ित का कहना है कि वह घटना के बाद से लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस चौकी पर भी सुनवाई नहीं होने का आरोप
पीड़ित के अनुसार, उन्होंने पुलिस चौकी पर प्रधान आरक्षक ओम प्रकाश से मदद मांगी और अपना परिचय भी दिया। आरोप है कि मदद करने के बजाय उनके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा गया। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
CCTV फुटेज को लेकर जताई चिंता
पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर इंदौर से 25 सितंबर की शाम करीब छह बजे MY अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि CCTV फुटेज इस घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में अहम सबूत साबित हो सकता है। पीड़ित ने फुटेज के संभावित ऑटो-डिलीट होने की आशंका जताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।
निष्पक्ष जांच और FIR की मांग
नासीफ खान ने पूरे मामले में FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि CCTV फुटेज सुरक्षित कर संबंधित लोगों के बयान लिए जाएं और घटना की जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामले में पुलिस और अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार है।










