Raebareli: सूरजुपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और रावण दहन की तैयारियां तेज, सई नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट

राजघाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 20 गोताखोरों के साथ नाव और स्टीमर तैनात; ड्रोन कैमरों से रखी जा रही निगरानी, रूट डायवर्जन लागू

Raebareli: रायबरेली जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और रावण दहन को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। शहर कोतवाली क्षेत्र के सूरजापुर में दोपहर करीब 12 बजे 15 से 20 फीट ऊंचे रावण के पुतले को दहन के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं, राजघाट स्थित सई नदी के तट पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का कार्य भी तेजी से चल रहा है। त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और सई नदी का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

सई नदी का जलस्तर बढ़ने से सुरक्षा पर विशेष ध्यान

राजघाट पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। सई नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण घाट पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नदी के किनारे आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और घाट पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

राजघाट पर बैरिकेडिंग, 20 गोताखोर तैनात

प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी भी संभावित हादसे से निपटने के लिए राजघाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। घाट के चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित किया जा सके और उन्हें जोखिम वाले स्थानों तक जाने से रोका जा सके।

इसके अलावा, आपात स्थिति में तत्काल बचाव कार्य शुरू करने के लिए घाट पर 20 गोताखोरों की तैनाती की गई है। नदी में बचाव कार्य को प्रभावी बनाने के लिए नाव और स्टीमर भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही न हो।

ड्रोन कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर

राजघाट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। इनके माध्यम से घाट और आसपास के इलाकों की निगरानी की जा रही है, ताकि भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जा सके और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात परिस्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।

विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए घाट पर निर्धारित नियमों का पालन कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के मद्देनजर राजघाट और आसपास के मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है। इसका उद्देश्य विसर्जन में शामिल श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन की सुविधा देना और भीड़ के कारण जाम की स्थिति से बचना है।

प्रशासन की ओर से सुरक्षा, निगरानी, बचाव कार्य और यातायात प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। वहीं, सूरजापुर में रावण दहन की तैयारियां भी जारी हैं। ऐसे में शहर में धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की सतर्कता महत्वपूर्ण बनी हुई है।

प्रशासन की अपील: सुरक्षा नियमों का करें पालन

सई नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी में उतरते समय जोखिम न लें और बैरिकेडिंग के भीतर निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। घाट पर तैनात सुरक्षा एवं बचाव कर्मियों के निर्देशों का पालन करें, ताकि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

फिलहाल, रायबरेली के राजघाट पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन और सूरजापुर में रावण दहन की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट है।

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