Kohinoor Power Raid: 290 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर पश्चिम बंगाल में एक साथ सात स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में कोलकाता समेत कई इलाकों को शामिल किया गया है।
दुर्गापुर में कारोबारी के आवास पर भी तलाशी

जानकारी के मुताबिक, ED की सर्च ऑपरेशन की शुरुआत पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर स्थित बिधाननगर इलाके से हुई। यहां कारोबारी सोनू अग्रवाल के आवास पर अधिकारियों ने तलाशी ली। इसके बाद जांच टीम कंपनी से जुड़े अन्य संदिग्धों के अलग-अलग ठिकानों पर पहुंची। पूरी कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस की सहायता ली गई।
झारखंड में 66 मेगावाट पावर प्रोजेक्ट के लिए लिया था लोन
ED की जांच के दायरे में कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से झारखंड में प्रस्तावित 66 मेगावाट बिजली परियोजना के लिए विभिन्न बैंकों से लिया गया कर्ज है। आरोप है कि कंपनी ने पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने के उद्देश्य से बैंकों से ऋण हासिल किया था, लेकिन इस राशि का इस्तेमाल निर्धारित परियोजना में करने के बजाय समूह की दूसरी कंपनियों में कर दिया गया।
लोन की रकम निजी इस्तेमाल में लगाने का भी आरोप
जांच एजेंसी को आशंका है कि बैंक से मिले कर्ज की कुछ रकम का इस्तेमाल व्यक्तिगत कार्यों के लिए भी किया गया। इसी कथित वित्तीय अनियमितता और करीब 290 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड की जांच के तहत ED ने यह सर्च ऑपरेशन चलाया है।
छापेमारी में मिले दस्तावेजों का इंतजार
फिलहाल तलाशी के दौरान ED के हाथ कौन-कौन से दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य लगे हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और छापेमारी से जुड़े निष्कर्षों पर सबकी नजर बनी हुई है।










