गोमिया : 15 दिनों के भीतर सीसीएल स्लरी मजदूरों को दे नियोजन, नही तो मजदूर जीएम कार्यालय को करेगे बंद

स्लरी मजदूरोँ को सीसीएल प्रबंधन द्वारा 15 दिनों के अंदर नियोजित नहीं किया गया त़ो जीएम कार्यालय को बंद कर देंगे मजदूर, उक्त बातें गुरुवार को स्वांग वाशरी झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन कार्यालय में यूनियन के कथारा प्रक्षेत्र के क्षेत्रीय संयुक्त सचिव सह स्वांग वाशरी के शाखा सचिव मुमताज आलम ने प्रेस वार्ता में कहीं, श्री आलम ने कहा विगत 2009-10 मे सीसीएल प्रबंधन द्वारा स्लरी मजदूरों को नियोजित करने का आदेश निर्गत किया गया था, जिसमें एटक यूनियन से जुड़े प्रतिनिधियों के द्वारा मजदूरों को सत्यापन कर सीसीएल प्रबंधन को जमा किया गया। जिसमें मजदूर बहाल भी किए गए बहाल किए गए मजदूरों में भारी गड़बड़ी पाई गई। जिस पर सीसीएल प्रबंधन द्वारा कार्रवाई करते हुए गलत ढंग से नियोजित होने वाले कई मजदूरों को बर्खास्त कर दिया गया। आलम ने कहा बर्खास्त किए गए मजदूरों एवं लंबित मजदूरोँ के जगह जिन सही मजदूरों को यूनियन के द्वारा सत्यापित कर दिया गया, वैसे मजदूरों को भी सीसीएल प्रबंधन द्वारा नियोजित नहीं किया जा रहा है। आज उन मजदूरों के समक्ष भूखों मरने की स्थिति उत्पन्न हो गई है ,कई मजदूरों की उम्र सीमा पार कर गयी है, कुछ मजदूर दिवंगत भी हो चुके हैं समझ में नहीं आता है अपना जीवन यापन कैसे करें, वर्षों से सीसीएल प्रबंधन द्वारा न्यायालय के आदेश को टालमटोल करते हुए स्लरी मजदूरों को नियोजित नहीं किया जा रहा है। जो कानूनन न्याय संगत नहीं है, उन्होंने कहा की सैलरी मजदूर बेनी केवट के द्वारा अपने नियोजन के जगह दुसरे को नियोजित किये जाने पर केश नंबर 153/15जी आर नंबर 13/ 13 गोमिया थाना में मामला दर्ज किया। जिसमे बीते 19 अगस्त 2024 को तेनुघाट न्यायालय द्वारा स्लरी मजदूर के पक्ष मे सुनवाई करते हुए एटक से जुडे युनियन प्रतिनिधि एस शर्मा को एक वर्ष का न्यायालय द्वारा सजा बहाल की गई, जो बेल मे बाहर है। उन्होंने कहा वर्तमान समय में 182 से अधिक मजदूरों का नियोजन लंबित है, इस संबंध में यूनियन के वरीय पदाधिकारी के अलावा राज्य के मुख्यमंत्री को सूचना प्रेषित कर जानकारी दी है, मजदूरों का नियोजन लंबित है। जिस पर झा को म यू निरंतर मजदूरों के बहाली को लेकर सीसीएल प्रबंधन से वार्ता कर बहाली करने के लिए लगातार प्रयास में हैं, बरसों बीत जाने के बाद भी सीसीएल प्रबंधन के द्वारा पहल नहीं किए जाने से अंततोगतवा बाध्य होकर जीएम कार्यालय को बंद करने का मजदूरों ने फैसला लिया है।

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