लेखनशाला संस्था द्वारा आयोजित प्रथम “राष्ट्रीय साहित्य प्रतियोगिता” के परिणाम घोषित कर दिए गए। इस प्रतियोगिता में देशभर से प्रतिभागियों ने भाग लिया, लेकिन सबसे विशेष बात यह रही कि शीर्ष पाँचों स्थानों पर महिलाओं ने कब्ज़ा जमाया।
प्रथम स्थान पर ” मोनिका शर्मा, द्वितीय स्थान पर बंदना पांचाल और तृतीय स्थान पर आकांक्षा सिंह रहीं। ” इसके अलावा ” चौथा स्थान आकांक्षा प्रजापति तथा पाँचवाँ स्थान डॉ. रीना कुमारी ने प्राप्त किया। ” निर्णायकों के अनुसार सभी प्रतिभागियों ने समाज, संवेदना और साहित्य को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया, लेकिन इन पाँचों बेटियों की रचनाएँ सबसे अधिक प्रभावशाली रहीं।
निर्णायक मंडल में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रश्मि श्रीवास्तव (लखनऊ), डॉ. संतलाल (रायबरेली) और राजपाल सिंह (लेखक, यूनिवर्सल सामान्य हिंदी) शामिल रहे। उन्होंने कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन साहित्य में महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश देता है।
संस्था के अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि ” यह केवल प्रतियोगिता का परिणाम नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और उनके सशक्त योगदान का प्रतीक है। “
लेखनशाला संस्था के संस्थापक अभय एवं उनकी टीम ने बताया कि आगे भी इस प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि देशभर के लेखकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिल सके। इस प्रतियोगिता में लेखनशाला टीम से अभिमन्यु सिंह, प्रदीप कुमार, पल्लवी, आशुतोष, गौतम, आंजनेय, नितेंद्र, ऋषि आदि की अहम भूमिका रही।