Brij Bhushan Sharan Singh : भाजपा के बेबाक पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर अपने तीखे बयानों से चर्चा में हैं। देवीपाटन मंडल के कई निजी कार्यक्रमों में शिरकत के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने नकली घी की मिलावट, गांवों से युवाओं का पलायन, बाबा रामदेव-पतंजलि, SIR फॉर्मेट, धनंजय सिंह की वायरल फोटो और 2029 के लोकसभा चुनाव तक कई मुद्दों पर खुलकर बोला। उनके बयानों ने एक बार फिर सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
नकली घी और मिलावट पर तीखा प्रहार, रामदेव को भी नहीं बख्शा

बृजभूषण ने दूध और घी में हो रही मिलावट को गांवों से युवाओं के भारी पलायन का बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा, “आज गांवों से युवा बड़ी संख्या में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। अगर दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट पूरी तरह बंद कर दी जाए तो पलायन अपने आप रुक जाएगा।”
पूर्व सांसद ने बाबा रामदेव की पतंजलि को भी निशाने पर लिया। बोले, “रामदेव का घी का सैंपल फेल हो गया था, चार साल बाद जांच रिपोर्ट आई। एक समय था जब सिर्फ रामदेव ही थे, बड़ा ब्रांड थे। आज तमाम बड़े-बड़े ब्रांड हैं, लेकिन जांच कराइए तो कोई भी मानकों पर खरा नहीं उतरेगा।”
उन्होंने प्रदेश सरकारों से अपील की कि जनता की जान-माल की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है, इसलिए अभियान चलाकर सभी बड़े ब्रांडों के घी-दूध की जांच कराई जाए। रामदेव पर तंज कसते हुए कहा, “रामदेव ने स्वदेशी का रास्ता चुना और भटक गए। महर्षि पतंजलि के नाम का इस्तेमाल किया, लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया।”
2029 में चुनाव लड़ेंगे या नहीं? जनता खोलेगी पत्ता
2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण ने रहस्य बनाए रखा। बोले, “देखिए, हम राजनीतिक व्यक्ति हैं। विद्यार्थी जीवन से राजनीति में हैं। दस जिलों के लोग रोज हमारे दरवाजे पर आते हैं। सांसद जनता बनाती है और अभी जनता चाहती है कि हम रहें।”
परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा, “पिछली बार परिस्थितियों की वजह से मेरे बेटे (करण भूषण सिंह) को टिकट मिला, मेरी जगह मेरा बेटा सांसद बना। अब देखते हैं क्या होता है। जहां का जनप्रतिनिधि सबसे ज्यादा अत्याचारी होगा, जहां की जनता अपने सांसद से त्रस्त होगी, वहां मैं चुनाव लड़ूंगा। चुनाव से छह महीना पहले जनता खुद पत्ता खोलेगी, जनता बताएगी और जनता ही चुनाव लड़वाएगी।”
SIR पर फिर दोहराया पुराना स्टैंड, पल्लवी पटेल पर नहीं साधा निशाना
चुनावी सुधार के लिए अपने पुराने प्रस्ताव SIR (सांसद इज्जत रक्षा या सांसद इनफॉर्मेशन रिपोर्ट) को फिर दोहराया। कहा, “जनता को SIR जरूर भरना चाहिए।” अप्रत्यक्ष रूप से सपा समर्थक नेता पल्लवी पटेल पर निशाना साधने की खबरों को खारिज करते हुए बोले, “मैंने पल्लवी पटेल पर कोई निशाना नहीं साधा। प्रदेश में इस समय बहुत सारे ‘राजा’ हैं। जो लोग खुद को राजा समझते हैं, वे SIR न भरें। आम जनता से अपील है कि अगर वोट देना है तो SIR जरूर भरें।”
धनंजय सिंह की वायरल फोटो पर सफाई
माफिया से नेता बने धनंजय सिंह के साथ उनकी एक पुरानी फोटो वायरल होने पर बृजभूषण ने हंसते हुए कहा, “फोटो तो कोई भी किसी के साथ खिंचवा सकता है। मेरे साथ रोज दो-तीन हजार लोग फोटो खिंचवाते हैं। फोटो कोई आधार नहीं होता। उससे ज्यादा कुछ होगा तो जवाब उसी हिसाब से देंगे।”
हमेशा की तरह बेबाक, हमेशा की तरह सुर्खियों में
कुश्ती संघ विवाद और यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद भाजपा से दूरी के बावजूद बृजभूषण शरण सिंह की क्षेत्र में पकड़ कम नहीं हुई है। गोंडा, बालरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच समेत देवीपाटन मंडल के कई जिलों में उनके कार्यक्रमों में भारी भीड़ उमड़ती है। निजी कार्यक्रमों में भी सैकड़ों कार्यकर्ता और आम लोग उनसे मिलने पहुंचते हैं।
राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि 2029 से पहले अगर भाजपा उन्हें फिर मौका नहीं देती तो बृजभूषण निर्दलीय या किसी अन्य दल से मैदान में उतर सकते हैं। उनके ताजा बयानों ने यह संकेत और मजबूत कर दिया है कि क्षेत्र की राजनीति में वे अभी भी सबसे बड़े ‘प्लेयर’ हैं और आने वाले दिनों में उनकी सक्रियता और बढ़ने वाली है।










