Odisha: 9 लाख की लागत से बन रहे पुल पर उठे सवाल, ग्रामीण बोले- निर्माण गुणवत्ता पर हो निष्पक्ष जांच

ओडिशा (Odisha) के भद्रक जिले के बासुदेवपुर ब्लॉक स्थित गोविंदपुर पंचायत में निर्माणाधीन पुल अब चर्चा का विषय बन गया है। करीब 9 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस पुल की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य इसी तरह जारी रहा तो भविष्य में यह पुल आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

ग्रामीणों का आरोप- मानकों की अनदेखी कर हो रहा निर्माण

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल निर्माण में आवश्यक गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल हैं और काम की निगरानी प्रभावी तरीके से होती दिखाई नहीं दे रही है। ग्रामीणों का दावा है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो पुल लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहेगा।

सरपंच के पति पर लगे निर्माण कराने के आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की निर्वाचित महिला सरपंच के पति हेम बारिक निर्माण कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पिछले चार वर्षों के दौरान सरपंच और उनके पति पंचायत क्षेत्र में कम ही दिखाई दिए, लेकिन अब पुल निर्माण को लेकर उनकी भूमिका चर्चा में है। हालांकि, इस संबंध में सरपंच या उनके पति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विपक्षी नेताओं ने भी उठाई पारदर्शिता की मांग

स्थानीय स्तर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से बनने वाले विकास कार्यों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निर्माण सामग्री की जांच कराने और तकनीकी अधिकारियों से गुणवत्ता का निरीक्षण कराने की मांग की है।

भविष्य की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल गांव के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बनने वाला है। ऐसे में यदि निर्माण कार्य कमजोर गुणवत्ता का हुआ तो आने वाले समय में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही के दौरान बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से पुल का तकनीकी परीक्षण कराने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी लोगों की नजर

फिलहाल पुल निर्माण को लेकर उठे सवालों के बीच प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग शिकायतों को कितना गंभीरता से लेता है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। यदि जांच होती है तो इससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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