भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील पर लगभग 99 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अब केवल कुछ अंतिम बिंदुओं पर सहमति बननी बाकी है, जिसके बाद इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
सर्जियो गोर ने उम्मीद जताई है कि आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में इस समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत लगातार आगे बढ़ रही है और बचा हुआ काम भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है।

सर्जियो गोर ने दिया बड़ा बयान
सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की टीमें लगातार बातचीत कर रही हैं और अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि अब सिर्फ समझौते के आखिरी हिस्से को अंतिम रूप देना बाकी है। इसी वजह से दोनों देशों के अधिकारियों के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं।
99 फीसदी काम पूरा, अब क्या बाकी है?
गोर के मुताबिक, समझौते का लगभग पूरा ढांचा तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि केवल एक फीसदी काम बचा हुआ है, जिस पर दोनों पक्ष काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका गया था, जहां समझौते के अंतिम हिस्से पर चर्चा हुई। अब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी आगे की बातचीत के लिए भारत आने वाला है।
अगले कुछ हफ्तों में हो सकता है ऐलान
सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देश उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में इस समझौते को अंतिम रूप देकर इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
उन्होंने भरोसा जताया कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
भारत और अमेरिका के रिश्तों को मिलेगी मजबूती
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों देशों के व्यापक संबंधों को भी मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका आज एक-दूसरे के महत्वपूर्ण साझेदार हैं और यह साझेदारी लगातार मजबूत होती जा रही है।
व्यापार के साथ तकनीक पर भी जोर
सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग अब केवल सामानों के आयात-निर्यात तक सीमित नहीं है।
उन्होंने बताया कि डिजिटल व्यापार, उन्नत तकनीक, ऊर्जा, विनिर्माण और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी दोनों देश तेजी से सहयोग बढ़ा रहे हैं।
उद्योग और निवेश को मिल सकता है बढ़ावा
गोर के अनुसार, इस समझौते से दोनों देशों के कारोबारियों और निवेशकों को फायदा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि व्यापारिक बाधाओं को कम करने और नए अवसर पैदा करने की दिशा में यह समझौता महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
भारत को बताया अहम साझेदार
सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का भरोसेमंद साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत की आर्थिक और तकनीकी क्षमताओं को काफी महत्व देता है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए असीम संभावनाएं मौजूद हैं और आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत हो सकती है।
उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
गोर ने कहा कि भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, दवा उद्योग, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में साझेदारी से दोनों देशों को लाभ होगा।
व्यापारिक संबंधों में आया बड़ा बदलाव
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार में काफी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार अब पहले की तुलना में कई गुना बढ़ चुका है और यह लगातार विस्तार कर रहा है।
दोनों देशों की टीमों के बीच जारी है बातचीत
समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों के अधिकारी लगातार संपर्क में हैं। बातचीत के बचे हुए मुद्दों को जल्द सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
इसी वजह से दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों की बैठकें लगातार जारी हैं।
अब अंतिम घोषणा का इंतजार
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर अब सबसे ज्यादा इंतजार अंतिम घोषणा का है। सर्जियो गोर के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि समझौता अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
अब दोनों देशों की ओर से बची हुई प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में इस समझौते का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।










