Jharkhand Cold Weather Update: झारखंड (Jharkhand) में इस बार ठंड (Cold) ने नवंबर की शुरुआत में ही दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के सभी जिलों के लिए ठंड और कोहरे का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिरने की संभावना जताई गई है। कोल्हान, संथाल परगना और उत्तरी छोटानागपुर जैसे इलाकों में पारा 12 से 14 डिग्री तक लुढ़क सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 9 से 11 नवंबर तक राज्य में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन ठंडी हवाओं और घने कोहरे से राहत नहीं मिलेगी। लोग सुबह-शाम सर्द हवाओं और कम दृश्यता की समस्या से जूझ सकते हैं। तो चलिए जानते हैं पूरी खबर क्या है, मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी है और किन इलाकों में सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
ठंड ने तोड़ा रिकॉर्ड, समय से पहले दस्तकयJharkhand Cold Weather Update
इस साल झारखंड (Jharkhand) में ठंड ने सामान्य समय से करीब दो हफ्ते पहले दस्तक दे दी है। मौसम विभाग (Meteorological Department) के अनुसार, राज्य के अधिकतर जिलों में न्यूनतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जबकि आने वाले 72 घंटों में यह 3 से 5 डिग्री और नीचे जा सकता है। राजधानी रांची (Ranchi), धनबाद (Dhanbad), बोकारो (Bokaro), और गिरिडीह (Giridih) में सुबह-शाम की ठिठुरन बढ़ने लगी है। ऊंचाई वाले इलाकों में न्यूनतम तापमान 12 से 14 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। IMD ने स्पष्ट किया है कि यह गिरावट ‘ला नीना’ और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हो रही है। ग्रामीण इलाकों में अब अलाव जलने लगे हैं और लोग गर्म कपड़ों की खरीदारी में जुट गए हैं।

कोहरा करेगा मुश्किलें, घटेगी दृश्यता
9 से 11 नवंबर तक झारखंड (Jharkhand) में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन सुबह-शाम घना कोहरा छा सकता है। उत्तर-पश्चिमी हवाएं 10 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे तापमान और नीचे जाएगा। मौसम विभाग ने चेताया है कि कोहरे के कारण दृश्यता 500 मीटर तक सीमित हो सकती है। ऐसे में सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से कोल्हान, रांची और बोकारो क्षेत्रों में घना कोहरा यातायात को प्रभावित कर सकता है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वाहन चलाते समय हेडलाइट ऑन रखें, स्पीड 40 किमी प्रति घंटे से ज्यादा न रखें और सड़कों पर फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। ट्रैफिक पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि और पशुपालन पर असर, किसानों को सलाह
ठंड और कोहरे का असर केवल लोगों पर ही नहीं, बल्कि खेती-बाड़ी और पशुपालन पर भी पड़ सकता है। IMD की एडवाइजरी के मुताबिक, रबी फसलों जैसे गेहूं और चने पर ओस जमने का खतरा रहेगा। किसानों को हल्की सिंचाई करने और पौधों को नमी से बचाने की सलाह दी गई है। वहीं पशुपालकों को मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए पुआल की छतरी या प्लास्टिक कवर लगाने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में धुंध के कारण कीटों का खतरा भी बढ़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तापमान में गिरावट इसी तरह जारी रही तो दिसंबर के पहले हफ्ते तक राज्य के कुछ हिस्सों में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बन सकती है।
प्रशासन अलर्ट, रैन बसेरों की व्यवस्था तेज़
सर्दी की शुरुआती दस्तक के साथ ही प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगमों को रैन बसेरे सक्रिय करने और जरूरतमंदों के लिए अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। रांची और धनबाद में अलाव पॉइंट्स की संख्या बढ़ाई गई है। शहरों में वूलन कपड़ों की बिक्री में 40% तक उछाल देखा जा रहा है। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और श्वास रोगियों को ठंडी हवा से बचने की सलाह दी है। ऊर्जा विभाग ने हीटर और ब्लोअर के सुरक्षित इस्तेमाल की चेतावनी दी है, क्योंकि ठंड बढ़ने से बिजली लोड बढ़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक आनंद के अनुसार, “दिसंबर तक तापमान 8-10°C तक गिर सकता है, जिससे ठंड की तीव्रता और बढ़ेगी।”
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