बोकारो: झारखंड की राजनीति में 22 जून का दिन अहम माना जा रहा है। धनबाद में आयोजित होने वाली जन आक्रोश महारैली को लेकर आजसू पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के केंद्रीय सदस्य एवं बोकारो जिला उपाध्यक्ष अनिल झा ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हुए इसे जनता की आवाज को मजबूत करने का मंच बताया है।
कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का संदेश
अनिल झा ने कहा कि धनबाद में होने वाली यह महारैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य की वर्तमान परिस्थितियों के खिलाफ जनता के असंतोष की अभिव्यक्ति होगी। उन्होंने संगठन से जुड़े सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

सुदेश महतो के नेतृत्व पर जताया भरोसा
उन्होंने कहा कि आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो लंबे समय से झारखंड के लोगों के मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में आयोजित यह रैली राज्य की जनभावनाओं को सामने लाने का काम करेगी। अनिल झा के अनुसार, झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों कार्यकर्ताओं के धनबाद पहुंचने की संभावना है।
भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था बनेगी मुख्य मुद्दा
आजसू नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक मनमानी और आम लोगों की समस्याओं को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जनआक्रोश महारैली के माध्यम से इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा ताकि सरकार तक जनता की बात मजबूती से पहुंच सके।
पुलिसिया कार्रवाई और कानून व्यवस्था पर भी उठेंगे सवाल
अनिल झा ने कहा कि कई स्थानों पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका दावा है कि रैली में ऐसे मामलों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही कानून-व्यवस्था और कथित माफिया तंत्र के खिलाफ भी आवाज बुलंद करने की तैयारी है।
जनता के मुद्दों को केंद्र में रखेगी रैली
उन्होंने कहा कि आजसू हमेशा गरीब, मजदूर, किसान और वंचित वर्ग के हितों की बात करती रही है। पार्टी का उद्देश्य राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाना है। इसी सोच के साथ 22 जून की महारैली को जनसरोकारों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बड़ी भागीदारी का दावा
पार्टी नेताओं का कहना है कि बोकारो समेत आसपास के कई जिलों से कार्यकर्ताओं का जत्था धनबाद पहुंचेगा। संगठन को उम्मीद है कि यह रैली राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश देने का काम करेगी और जनता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा का माहौल बनाएगी।
रैली में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दे
- राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज
- प्रशासनिक मनमानी पर सवाल
- पुलिसिया कार्रवाई को लेकर विरोध
- कानून व्यवस्था को लेकर चिंता
- गरीब, किसान और मजदूरों के मुद्दे
- जनहित से जुड़े सवालों को सरकार तक पहुंचाना










