JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: 13वें दिन भी भूख हड़ताल जारी, छात्र बोले- जांच नहीं तो आंदोलन और होगा तेज

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC, JSSC, CGL समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो और कई छात्र 13वें दिन भी भूख हड़ताल जारी हैं। CBI-ED जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग तेज।

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में झारखंड की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। JPSC, JSSC, CGL और अन्य चयन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो सहित कई अभ्यर्थी पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग

धरना स्थल पर मौजूद छात्रों का आरोप है कि कई भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उनका कहना है कि परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने हजारों युवाओं के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है। इसी कारण वे पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसियों से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की उठी आवाज

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो का कहना है कि झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा हुआ है। यदि चयन प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो सरकार की जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष जांच कराकर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों का भरोसा तभी लौटेगा, जब दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और भविष्य की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह जवाबदेह बनाई जाएगी।

अभिभावकों ने भी सरकार पर उठाए सवाल

धरना स्थल पर पहुंचे अभिभावक राजा पीटर ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कथित तौर पर बड़े कोचिंग संस्थानों और परीक्षा माफिया से जुड़े लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि यदि पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो मेहनत करने वाले छात्रों का विश्वास पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा।

आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन

छात्रों के समर्थन में JLKM के डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर छात्रों से मुलाकात की और उनके आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता हर अभ्यर्थी का अधिकार है और यदि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह छात्रों की आवाज को उचित मंच तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें

भूख हड़ताल लगातार लंबी होती जा रही है, जिससे छात्रों और उनके परिजनों की चिंता भी बढ़ रही है। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी है। यदि वार्ता या समाधान की दिशा में जल्द पहल नहीं होती, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल धरना स्थल पर छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कह रहे हैं।

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