Meerut: कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) के बीच मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में एक होटल के कर्मचारियों की पहचान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन (All India Hindu Security Organization) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही कार्यकर्ताओं के साथ सदाबहार होटल पहुंचे। संगठन की ओर से होटल के संचालन और वहां काम करने वाले कुछ कर्मचारियों की पहचान को लेकर सवाल उठाए गए। मामले को लेकर प्रशासन से जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
सूचना मिलने पर होटल पहुंचे संगठन के पदाधिकारी
सचिन सिरोही (Sachin Sirohi) के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली थी कि दौराला क्षेत्र स्थित सदाबहार होटल (Sadabahar Hotel) एक मुस्लिम व्यक्ति ने ठेके पर लिया हुआ है और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की पहचान को लेकर कथित तौर पर गलत जानकारी प्रदर्शित की गई है। इसी सूचना के आधार पर वह कार्यकर्ताओं के साथ होटल पहुंचे और मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की।

संगठन का आरोप है कि होटल में कर्मचारियों की जो सूची लगाई गई है, उसमें वास्तविक कर्मचारियों के बजाय अन्य नाम दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तंदूर पर काम कर रहे युवक की पहचान को लेकर हंगामा
मौके पर तंदूर पर रोटी बना रहे एक युवक से उसका नाम पूछा गया। संगठन के अनुसार, युवक ने शुरुआत में अपना नाम सोनू और पिता का नाम राजकुमार बताया। बाद में पहचान संबंधी दस्तावेज दिखाने को कहे जाने पर उसने कथित तौर पर आनाकानी की।
संगठन का दावा है कि कुछ देर बाद युवक ने अपना नाम मोबीन और पिता का नाम इस्लामुद्दीन बताया। इसी घटनाक्रम के बाद होटल में मौजूद लोगों के बीच उसकी पहचान को लेकर चर्चा शुरू हो गई। इस दौरान वहां भोजन कर रहे कुछ कांवड़ियों ने भी विरोध जताया।
होटल के संचालन और भुगतान व्यवस्था पर भी सवाल
सचिन सिरोही ने आरोप लगाया कि होटल के बोर्ड पर संचालक या प्रोपराइटर का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं था। वहीं, संगठन की ओर से यह भी दावा किया गया कि भुगतान के लिए होटल में विशाल नाम से बारकोड लगाया गया था।
संगठन ने इन सभी बिंदुओं की जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि होटल और भोजनालयों में काम करने वाले कर्मचारियों की वास्तविक पहचान तथा उनके दस्तावेजों का सत्यापन होना चाहिए, ताकि किसी तरह की गलत जानकारी प्रशासन के सामने न रहे।
कांवड़ यात्रा के दौरान उठी पहचान सत्यापन की मांग
कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेरठ (Meerut) से होते हुए हरिद्वार (Haridwar) की ओर जाते हैं। इसी बीच संगठन ने आरोप लगाया कि मार्ग में मौजूद कई होटल और ढाबों पर कर्मचारियों की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। संगठन का दावा है कि ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच कर वास्तविक संचालक और कर्मचारियों की जानकारी सामने लाई जानी चाहिए।
हालांकि, किसी भी होटल या कर्मचारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता, जब तक संबंधित प्रशासन या पुलिस की ओर से जांच के बाद इसकी पुष्टि न हो।
मुख्यमंत्री से अभियान चलाने की मांग
सचिन सिरोही ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मेरठ से हरिद्वार मार्ग सहित कांवड़ यात्रा वाले क्षेत्रों में होटल, ढाबे और भोजनालयों की व्यापक जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि प्रशासन को प्रतिष्ठानों के संचालकों और कर्मचारियों के दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए।
प्रशासनिक जांच से साफ होगी तस्वीर
दौराला क्षेत्र के इस मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच अहम होगी। यदि दस्तावेजों या होटल की कर्मचारी सूची में किसी तरह की अनियमितता मिलती है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जांच में आरोप निराधार पाए जाने पर स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।










