मिल एरिया पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान: छात्राओं व महिलाओं को दी नारी सुरक्षा व सरकारी योजनाओं की जानकारी

रायबरेली : उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ‘मिशन शक्ति 5.0’ अभियान के तहत मिल एरिया पुलिस ने महिलाओं और छात्राओं के सशक्तिकरण को मजबूत बनाने के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह अभियान रतापुर स्थित एफजीआईटी (फोकस्ड ग्रुप इंटरनेशनल टेक्निकल) कॉलेज में चलाया गया, जहां स्कूली छात्राओं और महिलाओं को महिला अपराधों की रोकथाम, नारी सुरक्षा के उपायों तथा सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

बताते चलें कि थाना क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया थाना अध्यक्ष अजय राय और उनकी पुलिस टीम द्वारा एफ जी आई टी में कार्यक्रम का आयोजन किया कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए सशक्त बनाना और समाज में व्याप्त लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मिल एरिया थानाध्यक्ष अजय राय ने किया। उन्होंने छात्राओं और महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मिशन शक्ति’ अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का प्रतीक है। थानाध्यक्ष राय ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार यह अभियान पूरे राज्य में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य फोकस महिलाओं और बालिकाओं के साथ होने वाले अपराधों को रोकना है। उन्होंने कहा, “आज के दौर में महिलाओं को न केवल अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। हमारी पुलिस टीम हमेशा आपके साथ है।”

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थानाध्यक्ष अजय राय ने कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्राओं और महिलाओं को महिला अपराधों की रोकथाम के लिए व्यावहारिक टिप्स दिए। उन्होंने गुड टच-बैड टच, साइबर अपराधों से बचाव, छेड़छाड़ की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा, आत्मरक्षा के सरल तरीकों जैसे कराटे के बेसिक मूव्स और आपात स्थिति में मोबाइल ऐप्स का उपयोग सिखाया गया।

सरकारी योजनाओं पर विशेष जोर

कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं की जानकारी देने पर विशेष ध्यान दिया गया। थानाध्यक्ष राय ने महिलाओं को ‘मिशन शक्ति’ के तहत उपलब्ध योजनाओं जैसे ‘महिला हेल्पलाइन 181’, ‘1090 महिला हेल्पलाइन’, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ और ‘POSH एक्ट’ (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न निवारण अधिनियम) के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकती हैं। उदाहरण के तौर पर, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ऋण सुविधाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों का जिक्र किया गया।

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कार्यक्रम में एफजीआईटी कॉलेज की छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने नाटक और पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा पर संदेश दिए। एक छात्रा ने कहा,यह अभियान हमें न केवल सुरक्षित महसूस करा रहा है, बल्कि हमें समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा भी दे रहा है। उमरपुर गांव में भी महिलाओं के साथ पुलिस टीम ने संपर्क करते हुए उन्हें खून के अधिकारों के बारे में जागरूक किया।

यह अभियान ‘मिशन शक्ति 5.0’ के व्यापक फेज का हिस्सा है, जो 27 सितंबर से पूरे उत्तर प्रदेश में चल रहा है। राज्य स्तर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निर्देशित इस अभियान में पुलिस, शिक्षा और सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है। मिल एरिया थाने की यह पहल क्षेत्र की महिलाओं में सकारात्मक उत्साह पैदा कर रही है, और उम्मीद है कि इससे अपराधों में कमी आएगी।

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