पूरे बंगाल को पाकिस्तान बनने से बचाया गया’: हुगली में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया याद

Hooghly: पश्चिम बंगाल के हुगली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल दिवस (West Bengal Day) के महत्व को याद करते हुए इतिहास के उन पन्नों का जिक्र किया, जिन्हें आज की पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता उन्होंने बताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि आजादी के समय ऐसी कोशिशें हुई थीं कि पूरा बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा बन जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कांग्रेस उन “षड्यंत्रकारियों” के सामने झुक रही थी, लेकिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका मजबूती से विरोध किया और बंगाल की पहचान को बचाने के लिए निर्णायक भूमिका निभाई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के संघर्ष और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने बंगाल की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को सुरक्षित रखने के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा, “आज की पीढ़ी को बार-बार यह बताया जाना चाहिए कि उस समय क्या हुआ था। उन्हें यह समझना होगा कि किस प्रकार पूरे बंगाल को पाकिस्तान में शामिल करने की कोशिश की गई थी और किस तरह कुछ राजनीतिक शक्तियां इसके सामने झुकती नजर आ रही थीं।”

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि अप्रैल 1947 में उन्होंने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कराया था। प्रधानमंत्री के अनुसार, डॉ. मुखर्जी ने स्पष्ट घोषणा की थी कि पूरा बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनेगा। इसी उद्देश्य के साथ “बंगाली-हिंदू होमलैंड मूवमेंट” की शुरुआत की गई थी। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के कारण ही बंगाल का एक बड़ा हिस्सा भारत का अभिन्न अंग बना रहा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी को उसके सही संदर्भ और तथ्यों से परिचित कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों और उनके संघर्षों को भुला देना आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे पश्चिम बंगाल दिवस के महत्व को समझें और अपने बच्चों को भी इसके पीछे की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में बताएं।

प्रधानमंत्री के इस बयान को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस पर उनका यह हमला सियासी बहस को और तेज कर सकता है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विरासत और बंगाल के विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाती रही है।

हुगली से प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन इतिहास, राजनीति और राष्ट्रीय चेतना के कई पहलुओं को एक साथ सामने लाता है। पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर दिया गया उनका संदेश इस बात पर केंद्रित रहा कि देश के युवाओं को इतिहास की उन घटनाओं से अवगत कराया जाए, जिन्होंने भारत की वर्तमान भौगोलिक और सांस्कृतिक संरचना को आकार दिया। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि राष्ट्र के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए उसके अतीत को समझना और उससे सीख लेना बेहद आवश्यक है।

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