Raebareli: विशेष संचारी रोगों की रोकथाम और स्वच्छता को लेकर गुरुवार को जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने कंपोजिट विद्यालय चक अहमदपुर से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान लोगों को साफ-सफाई, स्वच्छता और संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छता का संकल्प दिलाया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि 01 से 31 अक्टूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, जबकि 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को महज औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए पूरी गंभीरता, निष्ठा और आपसी समन्वय के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद को स्वच्छ और संचारी रोगों से सुरक्षित बनाने के लिए सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना होगा।

घर-घर दस्तक देकर रोगियों की होगी पहचान
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कृषि एवं सिंचाई, उद्यान तथा सूचना विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। जिलाधिकारी ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागवार निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार गतिविधियों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए।
उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के तहत फ्रंटलाइन वर्कर आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगी। इस दौरान बुखार के मरीजों, इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) से पीड़ित लोगों, फाइलेरिया, कालाजार एवं क्षय रोग के लक्षण वाले व्यक्तियों तथा कुपोषित बच्चों की पहचान कर सूची तैयार की जाएगी। तैयार सूची एएनएम के माध्यम से ब्लॉक मुख्यालय पर उपलब्ध कराई जाएगी। डीएम ने कहा कि इस कार्य के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को अतिरिक्त मेहनत और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
नाला-नालियों की सफाई और फॉगिंग पर जोर
जिलाधिकारी ने संचारी रोगों की रोकथाम के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग, नाला-नालियों की सफाई, जलभराव समाप्त करने, तालाबों एवं पोखरों के आसपास उगी झाड़ियों की सफाई, सूअरबाड़ों की सफाई तथा कीटनाशक दवाओं के छिड़काव का कार्य शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कहीं भी गंदगी, जलभराव अथवा मच्छरों के पनपने की स्थिति नजर नहीं आनी चाहिए। संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की नियमित निगरानी करें और निर्धारित गतिविधियों को समय से पूरा कराएं।
हर सप्ताह होगी विभागवार समीक्षा
डीएम ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान की साप्ताहिक विभागवार समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के दौरान खराब प्रगति मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए 361 एएनएम, 2724 आशा कार्यकर्ता और 2443 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद की 980 ग्राम पंचायतों, 1551 राजस्व ग्रामों, एक नगर पालिका और नौ नगर पंचायतों के कुल 144 वार्डों में संचारी रोगों की रोकथाम से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
इन क्षेत्रों में साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, जलभराव की रोकथाम और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही सहयोगी विभागों के माध्यम से लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यापक प्रचार-प्रसार की गतिविधियां भी कराई जाएंगी।
कार्यक्रम का संचालन एसएस पांडेय ने किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी रमेश चंद्र यादव, प्रभारी स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. सीएल पटेल, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. ऋषि बागची, जेई कंसल्टेंट मुआजम नकवी, मलेरिया निरीक्षक मो. आतिफ खान सहित मलेरिया एवं फाइलेरिया निरीक्षक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।










