भीषण गर्मी में फूटा किसानों का गुस्सा: डीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे बीजेपी किसान नेता रमेश बहादुर सिंह

रायबरेली जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती ने ग्रामीण इलाकों में हालात बद से बदतर कर दिए हैं। लालगंज और सरेनी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप होने से गहराए पेयजल संकट के खिलाफ सोमवार को बीजेपी किसान नेता रमेश बहादुर सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। अधिकारियों की कथित लापरवाही और उदासीन रवैये से नाराज किसान नेता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए और जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।

चिलचिलाती धूप और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं के बीच धरने पर बैठे रमेश बहादुर सिंह ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर जनता की परेशानी से आंखें मूंदे हुए हैं।

धरने के दौरान किसान नेता ने बेहद आक्रामक तेवर में कहा, “गांवों में हालात भयावह हो चुके हैं। बिजली न आने से नलकूप बंद पड़े हैं, हैंडपंप जवाब दे चुके हैं और लोग पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। इंसान तो किसी तरह जी लेगा, लेकिन बेजुबान पशु-पक्षी पानी के अभाव में तड़प-तड़प कर मर रहे हैं। दूसरी तरफ जिले के जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कुर्सियां तोड़ने और एसी की हवा खाने में व्यस्त हैं। उन्हें जनता की तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं है।”

कलेक्ट्रेट परिसर में धरने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। हालात को संभालने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार तत्काल मौके पर पहुंचे और किसान नेता को मनाने का प्रयास किया। उन्होंने जल्द समस्या समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन रमेश बहादुर सिंह अपनी मांगों पर अड़े रहे।

किसान नेता ने साफ शब्दों में कहा कि अब जनता को केवल झूठे आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत मौके पर बुलाया जाए और बिजली-पानी संकट के समाधान को लेकर लिखित आश्वासन दिया जाए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक विभागीय अधिकारी लिखित रूप से यह नहीं बताएंगे कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था कब तक सुचारु होगी और पेयजल संकट कैसे खत्म किया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा।

धरने के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने भी किसान नेता के समर्थन में आवाज बुलंद की। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली संकट ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग लगातार लापरवाही बरत रहा है।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन किसानों के इस बढ़ते आक्रोश को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है, क्योंकि भीषण गर्मी के बीच बिजली और पानी का संकट अब जनआक्रोश का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

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