रायबरेली: दहेज उत्पीड़न के बाद विवाहिता की मौत पर बवाल, शव रखकर परिजनों का प्रदर्शन

मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग, गांव में तनाव का माहौल

रायबरेली के डलमऊ थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न और विवाहिता की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर प्रदर्शन किया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार न करने की चेतावनी दी।

मिली जानकारी के अनुसार लालगंज क्षेत्र के बहादुरपुर कंडिया मजरे हसनापुर निवासी अंकित कुमार ने थाना डलमऊ में दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी बहन की शादी 22 नवंबर 2024 को डलमऊ थाना क्षेत्र के पूरे ननि मजरे कर्कसा गांव निवासी युवक के साथ हुई थी। शादी में परिवार ने अपनी सामर्थ्य अनुसार मोटरसाइकिल, सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू सामान दिया था, लेकिन विवाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगा।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पति, सास, देवर और ननद लगातार बुलेट मोटरसाइकिल और दो लाख रुपये नकद की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि 12 मई 2026 की सुबह करीब 9 बजे दहेज को लेकर विवाहिता के साथ लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों के अनुसार इलाज के दौरान 17 मई 2026 को उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद रविवार को मृतका का शव ससुराल गांव पूरे ननि मजरे कर्कसा के पास रखकर परिजन और ग्रामीण प्रदर्शन पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों का कहना था कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाने का प्रयास करता रहा। गांव में भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और अधिकारियों का कहना है कि तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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