रायबरेली: नगर पालिका परिषद रायबरेली में एनकैप (NCAP) के अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर उपजे विवाद ने अब प्रशासनिक तूल पकड़ लिया है। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई के मामले को जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ कुमार को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन पड़ताल कर निर्धारित समयावधि में अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कार्यक्रम में मौजूद कर्मचारियों, संबंधित अधिकारियों तथा अन्य पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके साथ ही उपलब्ध अभिलेखों, आदेशों और कार्यक्रम से जुड़ी परिस्थितियों का भी परीक्षण किया जाएगा ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
गौरतलब है कि एनकैप के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में कर्मचारियों की भूमिका को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा कुछ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चर्चा सामने आई थी। मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच बैठा दी है।
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यपरक होगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन की इस पहल से अब सभी पक्षों की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो पूरे विवाद की तस्वीर साफ कर सकती है।
अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और विवाद के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।










