Raebareli: PWD ने पुल के गड्ढे को कराया दुरुस्त, वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने लिया संज्ञान

Raebareli: कैर गांव के पास नैया नाले पर करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से बना है पुल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने मौके पर कराई जांच और मरम्मत

Raebareli: महराजगंज क्षेत्र के कैर गांव के पास नैया नाले पर बने नए पुल को लेकर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब पुल के जोड़ पर एक होल दिखाई देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुल के निर्माण पर बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद इस तरह की खामी सामने आने से स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई। मामला सामने आते ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और मौके पर स्थिति की जांच कराई।

वीडियो वायरल हुआ तो हरकत में आया विभाग

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में नवनिर्मित पुल के जोड़ वाले हिस्से में होल दिखाई दे रहा था। वीडियो तेजी से लोगों के बीच पहुंचा तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। लोगों का कहना था कि यदि पुल बनने के तुरंत बाद ही किसी हिस्से में ऐसी समस्या दिखाई दे रही है, तो निर्माण की मजबूती की जांच भी जरूरी है।

मामले की जानकारी लोक निर्माण विभाग तक पहुंची तो अधिकारियों ने बिना देर किए मौके की स्थिति का जायजा लिया। विभागीय स्तर पर पुल के संबंधित हिस्से की जांच कराने के बाद उसमें दिखाई दे रहे होल को दुरुस्त करा दिया गया।

करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से तैयार हुआ पुल

कैर गांव के पास नैया नाले पर तैयार किए गए इस पुल को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके निर्माण पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। ऐसे में नए पुल के किसी हिस्से में होल दिखाई देने की खबर सामने आने के बाद इसकी गुणवत्ता को लेकर लोगों की चिंता स्वाभाविक है।

पुल के निर्माण से आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। लेकिन निर्माण के शुरुआती दौर में ही सामने आई खामी ने विभाग की कार्यप्रणाली और निर्माण की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए।

अधिशासी अभियंता ने दी मरम्मत की जानकारी

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि पुल पर बने होल को ठीक करा दिया गया है। विभाग की ओर से समस्या सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित हिस्से की मरम्मत करा दी गई।

इस मामले में फिलहाल विभाग ने खामी को दूर कर दिया है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पुल के निर्माण के दौरान इस हिस्से की स्थिति पहले निरीक्षण में क्यों नहीं पकड़ी गई। नए निर्माण में ऐसी कमी सामने आने से गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया पर भी चर्चा होना लाजिमी है।

मरम्मत के बाद भी गुणवत्ता जांच पर रहेगी नजर

पुल की मरम्मत हो जाने के बाद तत्काल समस्या तो दूर हो गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लोग अब निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। खासकर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या विभाग पूरे पुल की तकनीकी जांच कराता है या केवल दिखाई दे रहे हिस्से की मरम्मत तक ही कार्रवाई सीमित रहती है।

सोशल मीडिया वीडियो ने उठाया मुद्दा

इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो अहम साबित हुआ। वीडियो सामने आने के बाद विभाग का ध्यान पुल की समस्या की ओर गया और इसके बाद मरम्मत की कार्रवाई हुई। इससे एक बार फिर यह बात सामने आई कि सार्वजनिक निर्माण से जुड़े मामलों में स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है।

फिलहाल पुल के जोड़ पर बने होल को ठीक करा दिया गया है। अब निगाह इस बात पर है कि लोक निर्माण विभाग पुल की मजबूती और निर्माण गुणवत्ता को लेकर आगे कोई विस्तृत जांच कराता है या नहीं। क्योंकि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सार्वजनिक निर्माण में सिर्फ खामी की मरम्मत ही नहीं, बल्कि ऐसी खामी की वजह सामने आना भी उतना ही जरूरी है।

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