Raebareli: नुनेरा ग्राम सभा में करोड़ों के घोटाले का आरोप, छह साल से न्याय की लड़ाई लड़ रहा शिकायतकर्ता

विधायक राहुल लोधी ने दी विधानसभा तक मामला ले जाने की चेतावनी,छह साल पुराना मामला फिर चर्चा में

रायबरेली (Raebareli) की लालगंज तहसील स्थित ग्राम सभा नुनेरा में विकास कार्यों के नाम पर कथित करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले की शिकायत पिछले छह वर्षों से कर रहे अंजनी कुमार कुशवाहा सोमवार को एक बार फिर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला।

विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप

अंजनी कुमार कुशवाहा का आरोप है कि ग्राम पंचायत में शौचालय, पंचायत भवन, बारात घर और अन्य कई विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई। उनका कहना है कि कई कामों के लिए सरकारी धन तो निकाल लिया गया, लेकिन मौके पर या तो काम अधूरे हैं या फिर कई जगह काम हुआ ही नहीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी धन निकालने के लिए वाउचर का इस्तेमाल किया गया और कागजों में विकास कार्य पूरे दिखा दिए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि अगर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपये के गबन का खुलासा हो सकता है।

मजदूरी भुगतान में भी गड़बड़ी का आरोप

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व ग्राम प्रधान सुनीता कुशवाहा के नाम से भी मजदूरी का भुगतान दिखाया गया। उनका कहना है कि इस तरह सरकारी धन का गलत इस्तेमाल किया गया। उन्होंने मांग की है कि भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहराई से जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।

हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की सच्चाई प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

न्याय के लिए छह साल से लगा रहे अधिकारियों के चक्कर

अंजनी कुमार कुशवाहा का कहना है कि वह पिछले छह वर्षों से लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और अन्य अधिकारियों को शिकायत पत्र दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए कई अनोखे तरीके भी अपनाए। कभी दो बोरी भरकर शिकायत पत्र जिलाधिकारी कार्यालय ले गए तो कभी दोनों कंधों पर शिकायतों की गठरी रखकर प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की। उनका कहना है कि इतने प्रयासों के बाद भी अगर कार्रवाई नहीं होती है तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

जिलाधिकारी को सौंपे दस्तावेज

सोमवार को अंजनी कुमार कुशवाहा ने जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और शिकायतें जिलाधिकारी को सौंपीं। शिकायतकर्ता के अनुसार जिलाधिकारी ने सभी कागजात लेकर मामले की विस्तृत जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

हालांकि जिलाधिकारी ने इस मामले पर कैमरे के सामने कोई बयान नहीं दिया। अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच पर टिकी हुई है।

राजनीति में भी गूंजा मामला

नुनेरा ग्राम सभा का यह मामला अब राजनीतिक रूप भी ले चुका है। क्षेत्रीय विधायक राहुल लोधी ने भी इस कथित घोटाले पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर जिला प्रशासन निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई नहीं करता है तो वह इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे।

विधायक राहुल लोधी का कहना है कि सरकारी धन जनता की मेहनत की कमाई होती है और उसका गलत इस्तेमाल किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर जांच में किसी की भी भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरे मामले में सबसे अहम बात प्रशासन की जांच है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि शिकायतकर्ता के लगाए गए आरोप कितने सही हैं और क्या वास्तव में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता हुई है।

अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, सरकारी धन की रिकवरी और अन्य प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं यदि आरोप साबित नहीं होते हैं तो तस्वीर अलग हो सकती है।

लोगों की निगाहें प्रशासन पर

ग्राम सभा नुनेरा के इस मामले पर अब ग्रामीणों और जिले के लोगों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है। लोगों का मानना है कि निष्पक्ष जांच से ही सच सामने आएगा और दोषी कोई भी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं शिकायतकर्ता को भी उम्मीद है कि छह साल बाद उन्हें न्याय मिलेगा और पूरे मामले की सच्चाई सबके सामने आएगी।

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