Raebareli: सेवा निवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की जनपद शाखा रायबरेली की ओर से मंगलवार, 29 सितंबर को विभिन्न मांगों को लेकर धरना, आमसभा, प्रदर्शन और रैली का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से 12 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन शासन को प्रेषित किए जाने की तैयारी की गई।
संगठन ने अपनी प्रमुख मांग में केंद्रीय आठवें वेतन आयोग की सीमा में 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों को भी शामिल करने, उनकी पेंशन तथा अन्य पेंशनरी लाभों में समानता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

एसोसिएशन का कहना है कि भारत सरकार द्वारा प्रत्येक दस वर्ष के अंतराल पर वेतन आयोगों का गठन किया जाता रहा है। संगठन के अनुसार, 16 जनवरी 2025 को आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की गई थी। इस घोषणा से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ-साथ देशभर के कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनर वर्ग में उम्मीद जगी थी कि बढ़ती महंगाई के बीच वेतन एवं पेंशन में राहत मिलेगी।
संगठन का आरोप है कि घोषणा के बाद कई महीने बीत जाने के बावजूद प्रक्रिया आगे बढ़ने में देरी हुई। एसोसिएशन ने 25 मार्च 2025 को पारित वित्त विधेयक (वैलिडेशन एक्ट) का हवाला देते हुए दावा किया कि इसमें 1 जनवरी 2026 से पहले और उसके बाद के पेंशनरों के बीच पेंशन संबंधी अंतर पैदा होने की आशंका है। संगठन ने इसे पेंशनरों के हितों के विपरीत बताते हुए सभी पेंशनरों के साथ समान व्यवहार किए जाने की मांग की।
एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने सेवाकाल में सरकार और समाज के लिए लंबे समय तक योगदान दिया है। ऐसे में पेंशन से जुड़े लाभों में सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान संगठन ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
धरना, आमसभा, प्रदर्शन और रैली के उपरांत एसोसिएशन की ओर से संबंधित अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मांगों पर विचार करने तथा पेंशनरों के हित में आवश्यक निर्णय लिए जाने की मांग की गई।










