रायबरेली जिले के मिलएरिया थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव के दबंगों द्वारा मारपीट और उत्पीड़न किए जाने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और आरोपियों का साथ दिया। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों व संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मिलएरिया थाना क्षेत्र के ग्राम रूपामऊ निवासी रामा देवी पत्नी राकेश कुमार ने मंगलवार 26 मई 2026 को समय करीब 2:00 बजे पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि 21 मई 2026 की सुबह करीब 9 बजे गांव के कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। महिला का आरोप है कि विपक्षी उसकी जमीन में जबरन रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ बदसलूकी की और जान से मारने की धमकी दी।

पीड़िता के अनुसार, घटना की शिकायत लेकर वह मिलएरिया थाने पहुंची, जहां तैनात कांस्टेबल विपिन यादव ने उसकी बात सुनने के बजाय उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह उसे थाने से भगा दिया और समझौता करने का दबाव बनाया।
महिला ने आरोप लगाया कि विपक्षी लगातार उसे और उसके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। साथ ही उसने यह भी कहा कि संबंधित पुलिसकर्मी विपक्षियों से मिलकर उनकी मदद कर रहा है, जिससे उसे न्याय मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा संबंधित पुलिसकर्मी की भूमिका की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।










