ऊंचाहार में मामूली विवाद बना खूनी संघर्ष: महिला पर लाठी-डंडों से हमला, पुलिस पर ‘लिपापोती’ का आरोप

जानवर बांधने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसा में बदला, पीड़ित परिवार ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

रायबरेली जनपद के ऊंचाहार क्षेत्र में मामूली विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया जब जानवर बांधने को लेकर हुए विवाद में दबंगों ने एक महिला और उसके परिवार पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। गंभीर आरोप है कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय केवल खानापूर्ति की और पीड़ितों को न्याय दिलाने की जगह मामले को दबाने में जुटी रही। आखिरकार परेशान पीड़ित परिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगानी पड़ी।

आपको बता दे कि आज दिनांक 8 में 2026 दिन शुक्रवार को समय करीब 12:00 बजे ऊंचाहार थाना क्षेत्र के ग्राम कजराबाद, मौजा ऊंचाहार देहात का है। पीड़िता कनकलाता पत्नी विनोद कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि गांव के विपक्षियों ने जानवर बांधने को लेकर विवाद खड़ा किया और देखते ही देखते गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पीड़िता का कहना है कि इस हमले में परिवार के लोग घायल हुए, लेकिन स्थानीय पुलिस ने घटना को हल्के में लेते हुए केवल मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार विपक्षियों द्वारा मारपीट और धमकी दी गई थी, जिसकी शिकायत थाने में की गई, लेकिन हर बार पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय मामले में “लिपापोती” कर दी। आरोप है कि दबंगों के खिलाफ सख्त कदम न उठाए जाने से उनके हौसले लगातार बढ़ते गए और आखिरकार उन्होंने खुलेआम हमला कर दिया।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि मारपीट में घायल होने के बावजूद अभी तक पीड़ित परिवार का मेडिकल परीक्षण तक नहीं कराया गया। इससे परिवार में भारी आक्रोश है। पीड़िता का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करती तो शायद दोबारा हमला नहीं होता।

एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, मेडिकल परीक्षण कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

घटना ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर क्यों लगातार शिकायतों के बावजूद दबंगों पर कार्रवाई नहीं की गई। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस अधीक्षक स्तर से मामले में क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

Other Latest News

Leave a Comment