देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिमी राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले छह दिनों तक हीटवेव यानी लू चलने का अलर्ट जारी किया है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन पर बुरा असर डालना शुरू कर दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना बहुत कम है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ रहा है, जिससे लोगों को चौबीस घंटे गर्मी महसूस हो रही है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में दोपहर के समय तेज लू चलने की संभावना है। कुछ जगहों पर तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही तेज धूप निकल रही है और दोपहर होते-होते सड़कें सूनी दिखाई देने लगती हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। राजस्थान के कई जिलों में हालात और भी गंभीर बने हुए हैं, जहां गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं।
बिजली और पानी की बढ़ी परेशानी
भीषण गर्मी का असर बिजली और पानी की सप्लाई पर भी देखने को मिल रहा है। एसी, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल से बिजली की मांग तेजी से बढ़ गई है। कई शहरों में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं दूसरी तरफ पानी की खपत भी बढ़ गई है, जिससे कुछ इलाकों में पानी की कमी महसूस होने लगी है।
गर्मी बढ़ने के कारण लोग ज्यादा से ज्यादा ठंडे पेय पदार्थ और पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। बाजारों में नींबू पानी, लस्सी, छाछ और जूस की मांग अचानक बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए, वरना डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।
अस्पतालों में बढ़ रहे मरीज
अत्यधिक गर्मी की वजह से अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, कमजोरी और बुखार जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक हीट स्ट्रोक के मामले भी बढ़ सकते हैं, इसलिए लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढंकना जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि उन पर गर्मी का असर जल्दी होता है।
किसानों और मजदूरों पर सबसे ज्यादा असर
गर्मी का सबसे ज्यादा असर खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों पर पड़ रहा है। तेज धूप में लंबे समय तक काम करना मुश्किल हो गया है। कई जगह मजदूर सुबह जल्दी और शाम को काम कर रहे हैं ताकि दोपहर की तेज गर्मी से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी खेती पर भी असर डाल सकती है। फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। पशुओं को भी गर्मी से बचाने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं।
स्कूलों के समय में बदलाव
कई राज्यों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। कुछ जगहों पर सुबह जल्दी स्कूल खोले जा रहे हैं, जबकि कुछ जिलों में छुट्टियां घोषित करने पर भी विचार किया जा रहा है। अभिभावक भी बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरी न हो तो दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें। ज्यादा देर तक धूप में रहने से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने भी अस्पतालों और आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले छह दिन बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। इसलिए सभी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, हल्का भोजन करना और धूप से बचना इस समय सबसे जरूरी है।










