मई में कब है शनि जयंती 2026? जानें सही तारीख, पूजा का मुहूर्त और महत्व

ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाई जाती है शनि जयंती, शनि देव की पूजा से मिलती है विशेष कृपा

हिंदू धर्म में शनि जयंती का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान Shani Dev के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और जीवन की परेशानियों को दूर करते हैं। शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए इस दिन की पूजा को बेहद खास माना जाता है।

शनि जयंती 2026 की सही तारीख

साल 2026 में शनि जयंती मई महीने में मनाई जाएगी। यह पर्व ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को पड़ता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, 2026 में शनि जयंती मई के अंतिम सप्ताह में आने की संभावना है (सटीक तिथि पंचांग के अनुसार देखी जाती है)। इस दिन अमावस्या तिथि होने के कारण पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।

पूजा का शुभ मुहूर्त

शनि जयंती के दिन पूजा का सबसे अच्छा समय सुबह और शाम दोनों माना जाता है।

सुबह का समय: सूर्योदय के बाद से लेकर दोपहर तक
शाम का समय: सूर्यास्त के बाद विशेष पूजा का महत्व

इस दिन विशेष रूप से शाम के समय दीपदान करना और शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

कैसे करें शनि जयंती की पूजा (पूजा विधि)

शनि जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान Shani Dev की पूजा करें।

पूजा विधि इस प्रकार है:

  • सबसे पहले शनि देव की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं
  • सरसों का तेल अर्पित करें
  • काले तिल, काले कपड़े और उड़द की दाल चढ़ाएं
  • शनि मंत्र का जाप करें
  • हनुमान जी की पूजा भी करें, क्योंकि उनसे शनि दोष कम होता है

मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से भी विशेष लाभ मिलता है।

शनि जयंती का धार्मिक महत्व

शनि जयंती का महत्व इसलिए भी खास है क्योंकि यह दिन व्यक्ति के जीवन में चल रही शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए उत्तम माना जाता है। जो लोग शनि की महादशा से परेशान होते हैं, उनके लिए यह दिन राहत देने वाला माना जाता है। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

इन बातों का रखें खास ध्यान

शनि जयंती के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

  • किसी गरीब या जरूरतमंद को दान जरूर करें
  • काले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है
  • झूठ बोलने और गलत काम करने से बचें
  • बुजुर्गों और गरीबों का सम्मान करें

इन नियमों का पालन करने से शनि देव जल्दी प्रसन्न होते हैं।

दान का विशेष महत्व

इस दिन दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। खासतौर पर काली वस्तुएं जैसे काले तिल, काला कपड़ा, लोहे की चीजें और उड़द की दाल दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना भी बहुत पुण्य का काम माना जाता है।

शनि दोष से राहत के उपाय

अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि दोष है, तो शनि जयंती के दिन कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं:

  • पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
  • काले कुत्ते या गाय को भोजन कराएं
  • शनि मंत्र का 108 बार जाप करें
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें

इन उपायों से शनि के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष

शनि जयंती एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है, जो भगवान Shani Dev को समर्पित है। इस दिन पूजा, दान और अच्छे कर्म करने से जीवन में सुख-शांति और सफलता मिलती है। अगर आप भी अपने जीवन की परेशानियों से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो शनि जयंती के दिन पूरे श्रद्धा भाव से पूजा जरूर करें।

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