Giridih: झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से गिरिडीह में शोक का माहौल है। बुधवार को राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद उनके आवास पहुंचे और दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन

राज्यसभा सांसद ने सुदिव्य कुमार सोनू के चित्र के सामने कुछ देर रुककर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि असमय किसी अपने का चले जाना परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक होता है। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें इस कठिन दौर में धैर्य बनाए रखने की कामना की।
गिरिडीह के लिए भी बड़ी क्षति बताया
डॉ. सरफराज अहमद ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का निधन केवल उनके परिवार तक सीमित रहने वाला दुख नहीं है। उनके जाने से गिरिडीह और झारखंड ने भी एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और जनसेवा से जुड़े व्यक्ति को खोया है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में उनका यूं चले जाना सभी के लिए पीड़ा देने वाला है।
जनता से जुड़ाव को किया याद
श्रद्धांजलि के दौरान सांसद ने सुदिव्य कुमार सोनू के सार्वजनिक जीवन और लोगों से उनके जुड़ाव को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आम लोगों के बीच रहना, उनकी समस्याओं को सुनना और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना उनके व्यक्तित्व की खास पहचान रही। यही वजह है कि उनके निधन की खबर से बड़ी संख्या में लोग मर्माहत हैं।
विकास और जनसेवा के प्रति समर्पण की चर्चा
डॉ. अहमद ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू ने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में क्षेत्र के विकास तथा जनता से जुड़े विषयों को महत्व दिया। उनके काम करने के तरीके और लोगों के साथ आत्मीय संबंधों की चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी जनसेवक की वास्तविक पहचान उसके पद से अधिक उसके काम और जनता के बीच बनाई गई जगह से होती है।
परिजनों को दिया धैर्य और संबल का संदेश
राज्यसभा सांसद ने शोकाकुल परिवार से कहा कि इस अपार दुख को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार के सदस्यों को इस कठिन समय का सामना करने की शक्ति प्राप्त हो। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना भी व्यक्त की।
‘अच्छे कर्म और यादें हमेशा रहती हैं’
डॉ. सरफराज अहमद ने कहा कि जीवन की यात्रा एक दिन समाप्त हो जाती है, लेकिन व्यक्ति के अच्छे कार्य और लोगों के साथ उसके संबंध उसकी यादों को लंबे समय तक जीवित रखते हैं। सुदिव्य कुमार सोनू ने भी अपने पीछे ऐसी ही स्मृतियां छोड़ी हैं। उनके समर्थक, शुभचिंतक और क्षेत्र के लोग उनके योगदान को लंबे समय तक याद करते रहेंगे।
शोक की घड़ी में परिवार के साथ समाज
उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में शोकाकुल परिवार अकेला नहीं है। समाज के लोग और सुदिव्य कुमार सोनू से जुड़े लोग उनके परिवार के साथ खड़े हैं। श्रद्धांजलि के दौरान मौजूद लोगों ने भी दिवंगत नेता को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया और ईश्वर से परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।










