Uttar Pradesh: सिंहपुर विकासखंड के महेशपुर मुजरे महिया सिंदुरिया गांव में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में गैस सिलेंडर से अचानक आग भड़क उठी। चूल्हा जलते ही रेगुलेटर के पास से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर रखा सारा सामान जलने लगा।
सुबह लाया गया था नया सिलेंडर
घर के मुखिया संतोष मिश्रा ने बताया कि वह सुबह ही गैस एजेंसी से नया सिलेंडर लेकर आए थे। रेगुलेटर लगाने के बाद उन्होंने सावधानी के तौर पर जांच भी की थी, जिसमें कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई। लेकिन दोपहर में खाना बनाते समय अचानक रेगुलेटर के पास से आग निकलने लगी, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई।

ग्रामीणों की बहादुरी से टली बड़ी हादसा
आग की लपटें उठती देख संतोष मिश्रा ने शोर मचाया, जिसके बाद गांव के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए। बिना समय गंवाए ग्रामीणों ने रजाई और कंबल डालकर आग को काबू में करने की कोशिश शुरू कर दी।
ग्रामीणों द्वारा किए गए प्रयास:
- आग को फैलने से रोकने के लिए कपड़ों का इस्तेमाल
- घर के आसपास की चीजों को हटाकर सुरक्षा घेरा बनाना
- तत्काल प्रशासन को सूचना देना
ग्रामीणों की तत्परता से आग पास के अन्य घरों तक नहीं फैल सकी।
फायर ब्रिगेड और गैस कर्मियों ने आग पर पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम और गैस एजेंसी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। संयुक्त प्रयासों से काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। हालांकि तब तक घर के अंदर रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जल चुका था।
परिवार पर टूटा संकट, राहत की बात—कोई जनहानि नहीं
इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। लेकिन आग ने परिवार की पूरी गृहस्थी उजाड़ दी है। अब पीड़ित परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सहायता दिलाने की मांग की है।
सावधानी ही सुरक्षा: गैस इस्तेमाल में बरतें ये एहतियात
ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी है कि गैस सिलेंडर और रेगुलेटर की नियमित जांच की जाए।
- सिलेंडर बदलते समय लीकेज की जांच जरूर करें
- रेगुलेटर सही तरीके से फिट हो
- गैस की गंध आते ही तुरंत सिलेंडर बंद करें
- आग जलाने से पहले आसपास की सुरक्षा सुनिश्चित करें










