नई दिल्ली: देशभर के पत्रकारों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर वॉइस ऑफ मीडिया (Voice of Media) व्ही ओ एम इंटरनेशनल फोरम की ओर से राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन को आखिरकार सफलता मिली। केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा खडसे और केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव की मध्यस्थता से हुई सकारात्मक चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने पत्रकारों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद वॉइस ऑफ मीडिया के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काले ने अनशन समाप्त करने की घोषणा की।
देशभर के पत्रकारों के अधिकारों की सुरक्षा, पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन, पत्रकार कल्याणकारी योजनाएं, पत्रकारों के परिवारों के लिए शैक्षणिक सुविधाएं, डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को मान्यता, पत्रकारिता की स्वतंत्रता और संरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर वॉइस ऑफ मीडिया एवं व्ही ओ एम इंटरनेशनल फोरम के नेतृत्व में यह आंदोलन किया गया था। देश के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों ने उत्स्फूर्त सहभागिता दर्ज कराते हुए केंद्र सरकार का ध्यान इन महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर आकर्षित किया।

अनशन की पृष्ठभूमि में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे ने आंदोलनकारी पत्रकारों के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया। बैठक में पत्रकारों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों की समस्याएं किसी एक राज्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं।
इस दौरान रक्षा खडसे ने कहा कि पत्रकारों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार गंभीर और सकारात्मक है। संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय करते हुए पत्रकारों की समस्याओं का उचित समाधान निकालने तथा आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने का आश्वासन उन्होंने दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अत्यंत जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हैं और उनकी न्यायसंगत मांगों पर सरकार निश्चित रूप से सकारात्मक विचार करेगी।
इसके बाद केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर पत्रकारों से सीधे संवाद किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार पत्रकारों की मांगों को लेकर संवेदनशील है और इन मुद्दों को संबंधित मंत्रालयों के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। उन्होंने सरकार के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखते हुए आंदोलन वापस लेने की अपील की। उनकी मध्यस्थता से सरकार और पत्रकार प्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक वातावरण बना।
दोनों केंद्रीय मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद वॉइस ऑफ मीडिया (Voice of Media) व्ही ओ एम इंटरनेशनल फोरम के पदाधिकारियों ने आपस में चर्चा कर अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने का निर्णय घोषित किया। हालांकि संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों के वास्तविक क्रियान्वयन तक पत्रकारों की मांगों को लेकर लगातार प्रयास और फॉलोअप जारी रहेगा।
केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे के साथ हुई बैठक में वॉइस ऑफ मीडिया (Voice of Media) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल म्हस्के, महाराष्ट्र राज्य कोर कमिटी सदस्य कल्पेश महाले तथा महाराष्ट्र राज्य प्रचार प्रमुख बापुराव ठाकरे उपस्थित थे। आंदोलन स्थल पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी, पत्रकार और प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अनशन वापस लेने के बाद वॉइस ऑफ मीडिया (Voice of Media) व्ही ओ एम इंटरनेशनल फोरम के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे और प्रतापराव जाधव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि पत्रकारों की न्यायसंगत मांगों पर जल्द ही ठोस और सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। साथ ही पत्रकारों के अधिकारों, पत्रकारिता की स्वतंत्रता और पत्रकारों के सम्मान के लिए संगठन का संघर्ष भविष्य में भी निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया।
समापन भाषण में वॉइस ऑफ मीडिया के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काले ने कहा “आज का यह संघर्ष केवल एक संगठन का संघर्ष नहीं है, बल्कि देशभर के प्रत्येक पत्रकार के अधिकारों का संघर्ष है। जंतर-मंतर पर देश के कोने-कोने से आए पत्रकारों ने अपनी एकजुटता और ताकत का परिचय दिया है। हमारी न्यायसंगत मांगों पर केंद्र सरकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया इस आंदोलन की पहली बड़ी उपलब्धि है। रक्षा खडसे और प्रतापराव जाधव द्वारा की गई मध्यस्थता के लिए हम उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। सरकार द्वारा दिया गया आश्वासन हमारे लिए विश्वास का एक कदम है; लेकिन अब उसके क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास करना हमारी जिम्मेदारी है। पत्रकार सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन और पत्रकारों के परिवारों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को हम लगातार उठाते रहेंगे। व्ही ओ एम के प्रत्येक पत्रकार को पत्रकारिता के सम्मान के लिए एकजुट और संगठित होकर खड़ा रहना होगा। आज हम अनशन वापस ले रहे हैं, लेकिन पत्रकारों के अधिकारों का संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है। देश के पत्रकारों की आवाज को और बुलंद करने के लिए VOM भविष्य में भी हर स्तर पर संघर्ष करेगा। एक पत्रकार मजबूत होगा, तो पत्रकारिता मजबूत होगी; और पत्रकारिता मजबूत होगी, तो लोकतंत्र और मजबूत होगा!”










