Why People Dont Take You Seriously : हर कोई चाहता है कि उसकी बात को लोग गंभीरता से लें, सम्मान दें और उसकी राय को महत्व दें। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम खुद ही अपनी विश्वसनीयता को कमजोर कर देते हैं। हमारी कुछ छोटी-छोटी आदतें दूसरों के सामने हमें कमजोर, अविश्वसनीय या हल्के में लेने लायक बना देती हैं। अच्छी खबर यह है कि इन आदतों को पहचानकर और सुधारकर आप बहुत जल्दी लोगों के नजरिए को बदल सकते हैं।
यहाँ वो 5 आम आदतें हैं जो आपकी बात को हल्का बना देती हैं और इन्हें तुरंत सुधारने के तरीके भी बताए गए हैं/Why People Dont Take You Seriously
- हर बात में शिकायत करना और नकारात्मक रहना
जो व्यक्ति हर स्थिति में सिर्फ नकारात्मक पक्ष देखता है और हर बात की शिकायत करता है, उसकी बात को लोग जल्दी ही इग्नोर करना शुरू कर देते हैं। लगातार शिकायत करने वाला व्यक्ति “क्राय बेबी” जैसा लगने लगता है और लोग सोचते हैं कि ये फिर वही रोना शुरू कर देगा।

सुधार कैसे करें?
- हर नकारात्मक बात के साथ एक सकारात्मक या समाधान वाली बात भी जोड़ें।
- “ये काम नहीं होगा” कहने की बजाय “ये काम थोड़ा मुश्किल है, लेकिन इस तरह कर सकते हैं” कहें।
- रोजाना 3 ऐसी चीजें नोट करें जिनके लिए आप शुक्रगुजार हैं। इससे आपकी सोच धीरे-धीरे सकारात्मक हो जाएगी।
- बात को घुमाना और सीधा जवाब न देना
जब कोई आपसे सवाल पूछता है और आप इधर-उधर की बातें करके, बहाने बनाकर या टॉपिक बदलकर जवाब देते हैं, तो लोग आप पर भरोसा करना बंद कर देते हैं। सीधा जवाब न देना झूठ या कमजोरी का संकेत देता है।
सुधार कैसे करें?
- “हाँ” या “नहीं” से शुरू करें जवाब।
- अगर जवाब नहीं पता तो साफ-साफ कहें – “मुझे अभी पूरा पता नहीं, मैं चेक करके बताता हूँ”।
- छोटे-छोटे वाक्य इस्तेमाल करें। जितना कम घुमाएंगे, उतना ज्यादा विश्वसनीय लगेंगे।
- वादे करना और उन्हें पूरा न करना
सबसे बड़ी वजह जो आपकी credibility को खत्म कर देती है – वादाखिलाफी। “हाँ कर दूंगा”, “आज शाम तक भेज दूंगा”, “कल मिलते हैं” जैसे वादे बार-बार करना और उन्हें तोड़ना आपको बिल्कुल अविश्वसनीय बना देता है। लोग सोचते हैं – “इसकी बात का कोई मतलब नहीं”।
सुधार कैसे करें?
- वादा करने से पहले दो बार सोचें – क्या आप सच में कर पाएंगे?
- “कोशिश करूंगा” की जगह “हाँ, मैं कल सुबह 10 बजे तक भेज दूंगा” कहें (और करें भी)।
- छोटे-छोटे वादे पूरा करके अपना ट्रैक रिकॉर्ड बनाएं। एक बार भरोसा बन जाए तो लोग आपकी हर बात को सीरियस लेंगे।
- जरूरत से ज्यादा मजाक करना या हर बात को हल्के में लेना
मजाक करना अच्छी बात है, लेकिन हर मौके पर जोक मारना, गंभीर बात को भी हंसी में उड़ा देना आपको “नॉन-सीरियस” व्यक्ति बना देता है। ऑफिस में मीटिंग हो या घर में कोई गंभीर डिस्कशन – अगर आप हर बात पर “अरे छोड़ो यार” कहते हैं तो लोग आपकी राय को महत्व नहीं देंगे।
सुधार कैसे करें?
- सही समय और सही जगह पर मजाक करें।
- जब कोई गंभीर मुद्दा चल रहा हो तो 2-3 मिनट चुप रहकर सुनें, फिर अपनी राय दें।
- अपनी बॉडी लैंग्वेज भी सीरियस रखें – आँखों में आँखें डालकर बात करें, स्माइल कम करें जब जरूरी हो।
- अपनी गलतियों का बचाव करना या दूसरों पर दोष डालना
गलती होने पर बहाने बनाना, दूसरों को जिम्मेदार ठहराना सबसे जल्दी आपकी इज्जत कम करता है। लोग सोचते हैं – “ये कभी अपनी गलती नहीं मानेगा, इनकी बात पर भरोसा कैसे करें?”
सुधार कैसे करें?
- गलती हो जाए तो सबसे पहले मान लें – “हाँ, ये मेरी गलती थी, सॉरी”।
- इसके बाद समाधान बताएं – “अब मैं इसे ऐसे ठीक कर रहा हूँ”।
- सिर्फ तीन शब्द “मेरी गलती थी” कहने से आपकी इज्जत दोगुनी हो जाती है। लोग सोचते हैं – ये ईमानदार है, इसकी बात मानी जा सकती है।
निष्कर्ष
ये पांचों आदतें ज्यादातर लोगों में होती हैं, लेकिन इन्हें बदलने में सिर्फ इच्छाशक्ति और थोड़ी सी सजगता चाहिए। आज से ही एक आदत चुनें और उस पर काम शुरू कर दें। 30 दिन में आप खुद देखेंगे कि लोग आपकी बात को पहले से कहीं ज्यादा गंभीरता से लेने लगे हैं।
याद रखें – आपकी credibility आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। इसे संभाल कर रखें, इसे बढ़ाएं। जिस दिन लोग आपकी एक बात को गंभीरता से लेने लगेंगे, आपकी जिंदगी में सफलता के दरवाजे अपने आप खुलने लगेंगे।










