रिपोर्ट : शिवा मौर्या
डलमऊ थाने में व्याप्त भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक ने डलमऊ के दो दरोगा को निलंबित कर दिया था और प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया। नए कोतवाल ने थाने का चार्ज भी ले लिया, लेकिन वहां पर तैनात दरोगा अभी भी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। डलमऊ कोतवाली को दरोगाओं ने वसूली का अड्डा बना दिया है । वसूली का ऐसा गोरख धंधा चल रहा है कि आरोपियों के जेब से जबरन पैसे निकाल लिए जा रहे हैं, जिसमें एक दरोगा को महारत हासिल हुआ है। चलिए हम आपको बताते है मामला क्या हैं डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के सराय लखनी गांव के रहने वाले श्रवण कुमार ने बताया है कि पति-पत्नी के विवाद का मामला न्यायालय में चल रहा है। बावजूद इसके कुछ आपसी कहा सुनी के चलते पत्नी पक्ष के परिजनों ने डलमऊ थाने में तहरीर दी। पहले तो चंद्रवीर दरोगा ने मामले की जांच पड़ताल की बिचाराधीन कोर्ट के मामले के कागज लेकर पीड़ित श्रवण कुमार से ₹ 500 लेकर ₹5000 का इंतजाम करने की बात कही। लेकिन एक अन्य भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसके बाद हल्के का इंचार्ज दरोगा श्री कृष्ण यादव को बना दिया गया। इसी मामले को लेकर दरोगा ने पीड़ित को बुलवाया और ₹5000 का इंतजाम करने की बात कही। रविवार को एक बार फिर फोन करके उसे कोर्ट के कागज लेकर थाने आने के लिए कहा गया श्रवण कुमार जब कागज लेकर पहुंचा तो दरोगा ने पैसे की बात की इंतजाम न होने की बात सुनकर दरोगा भड़क गए और सिपाही से कहकर थाने में बिठा दिया। जेब में रखे हुए ₹2000 एवं मोबाइल भी जमा करा लिए। लगभग 4 घंटे बाद जब शांति भंग में चालान करके एसडीएम कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, तो जमा किए 2000 रुपए उसे वापस किए गए लेकिन थाने के गेट से बाहर निकलने के बाद दरोगा ने उससे 2000 जबरन ले लिए। मुंशी दरोगा एवं सिपाही में बंदर बांट हुआ जब उसके बाद जमानत कराने के पैसे नहीं बचे तो उसने अपने भाई को फोन करके बुलाया। जमानत से छूटने के बाद पीड़ित ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उसे कागज लेकर दरोगा ने बुलाया था, लेकिन वहां पहुंचने पर पैसे के इंतजाम की बात पूछी जब मना कर दिया तो गुस्सा कर उसे थाने में बिठा दिया जब में रखे हुए ₹2000 भी ले लिए। वहीं रायबरेली पुलिस का कहना है लगाए गए आरोप आरोप असत्य है ।