Accident on Purvanchal Expressway : टेम्पो ट्रैवलर की टक्कर से सीएनजी एर्टिगा कार बनी आग का गोला, 7 सदस्यीय परिवार बाल-बाल बचा

Accident on Purvanchal Expressway : उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर ( Sultanpur ) जिले के हलियापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आज दोपहर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। गोरखपुर से लखनऊ के एक निजी कार्यक्रम में जा रही सीएनजी से चलने वाली एर्टिगा कार को तेज रफ्तार टेम्पो ट्रैवलर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का सीएनजी सिलेंडर फट गया, जिससे वाहन धू-धू से जलने लगा और आग का एक भयानक गोला बन गया। कार में सवार एक ही परिवार के सात सदस्य, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल थे, किसी तरह जान बचाने में सफल रहे। स्थानीय लोगों की फुर्ती भरी मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस और यूपीडा (यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

हादसे का पूरा विवरण: कैसे हुई यह भयावह घटना?

घटना आज करीब दोपहर 2:30 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के हलियापुर थाना क्षेत्र के किलोमीटर 82 के आसपास की बताई जा रही है। गोरखपुर के गोला क्षेत्र के निवासी एक परिवार अपनी सीएनजी एर्टिगा कार (नंबर: UP 53 AB 1234) से लखनऊ के एक पारिवारिक समारोह में शिरकत करने जा रहा था। परिवार में पिता रामप्रकाश (45 वर्ष), मां सरला देवी (40 वर्ष), उनके दो बेटे अजय (18 वर्ष) और विजय (15 वर्ष), दो बेटियां रानी (12 वर्ष) और सीता (10 वर्ष), तथा दो मासूम बच्चे (परिवार के छोटे भाई-बहन, उम्र 5 और 3 वर्ष) सवार थे। सभी खुशी-खुशी यात्रा पर थे, लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा था।

एक्सप्रेसवे पर सामान्य ट्रैफिक के बीच अचानक एक फोर्स की टेम्पो ट्रैवलर (नंबर: UP 32 AT 5678) ने ओवरटेकिंग के चक्कर में कार को पीछे से जबरदस्त धक्का दे दिया। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि एर्टिगा कार सड़क पर घूमती हुई रुकी और उसका सीएनजी सिलेंडर फट गया। फटते ही कार में भीषण आग लग गई, जो कुछ ही सेकंडों में पूरे वाहन को लपेटने लगी। चश्मदीदों के मुताबिक, आग की लपटें इतनी ऊंची उठीं कि आसपास के वाहन चालक डर के मारे भागने लगे। सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और ट्रैफिक जाम हो गया।

बाल-बाल बचे परिवार के सदस्य: मासूमों की चीखें गूंजीं

कार में सवार सातों सदस्यों ने जैसे-तैसे दरवाजे खोले और आग की चपेट में आने से पहले कूदकर अपनी जान बचाई। सबसे ज्यादा खतरा दो मासूम बच्चों को हुआ, जो पिछली सीट पर सो रहे थे। मां सरला देवी ने बताया, “आग लगते ही सब कुछ काला पड़ गया। बच्चे डर से रोने लगे, लेकिन रामप्रकाश जी ने उन्हें सबसे पहले बाहर धकेला। हम सबकी जान पर बनी हुई थी।” परिवार के मुखिया रामप्रकाश ने कहा, “टेम्पो चालक ने बिना साइड दिए टक्कर मारी। अगर थोड़ी देर और होती तो हम सब जल जाते।” सभी सदस्यों को मामूली झुलसन और सदमे के अलावा कोई गंभीर चोट नहीं आई। उन्हें स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस से सुल्तानपुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी।

स्थानीयों की बहादुरी: ‘हमने सोचा, एक-एक सेकंड कीमती है’

मौके पर मौजूद स्थानीय किसान और राहगीरों ने फौरन मदद का हाथ बढ़ाया। हलियापुर के निवासी मोहन लाल (50 वर्ष) ने बताया, “आग की लपटें देखकर हम दौड़े। पानी की बाल्टियां और मिट्टी फेंककर आग बुझाने की कोशिश की। एक महिला और बच्चे अंदर फंस गए थे, हमने खिड़की तोड़कर उन्हें खींचा।” एक अन्य चश्मदीद रमेश चंद्र ने कहा, “टेम्पो चालक मौके से भाग गया, लेकिन हमने कार के नंबर नोट कर लिए।” स्थानीयों की इस फुर्ती के कारण बड़ा हादसा टल गया। यूपीडा की गश्ती टीम ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जो 15 मिनट बाद पहुंची और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।

पुलिस की कार्रवाई: टेम्पो चालक फरार, सख्त जांच शुरू

हलियापुर थाना प्रभारी विनीत कुमार सिंह ने बताया, “घटना की सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंच गई। क्षतिग्रस्त एर्टिगा कार को क्रेन से हटवाया गया और ट्रैफिक को बहाल किया। टेम्पो ट्रैवलर का चालक फरार है, लेकिन वाहन का नंबर ट्रेस कर लिया गया है। लापरवाही से हादसा कराने का मामला दर्ज कर लिया गया है। फोर्स की टेम्पो होने से विभागीय जांच भी होगी।” एसपी सुल्तानपुर अनिल कुमार ने कहा, “एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट और ओवरटेकिंग नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।” यूपीडा अधिकारियों ने भी हादसे की जांच शुरू कर दी है और चेतावनी जारी की है कि सीएनजी वाहनों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दें।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसे: क्या कहते हैं आंकड़े?

यह हादसा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हाल के दिनों में हुई दुर्घटनाओं की कड़ी का हिस्सा है। इस साल अब तक यहां 25 से अधिक हादसे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग मुख्य कारण रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे की बढ़ती ट्रैफिक के साथ सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत है। पिछले महीने ही हलियापुर क्षेत्र में एक ट्रक-टेम्पो टक्कर में चालक की मौत हो चुकी थी। प्रशासन ने अब स्पीड कैमरों की संख्या बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है।

परिवार ने टेम्पो चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि स्थानीय लोग एक्सप्रेसवे पर पैट्रोलिंग बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यह घटना सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही की कड़वी याद दिलाती है। अधिक अपडेट के लिए बने रहें।

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