शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बिजली तार चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह हाईटेंशन बिजली लाइनों से तार चोरी कर कई जिलों और राज्यों में वारदात को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार, इस गैंग का नेटवर्क एनसीआर समेत हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैला हुआ था।
कार से करते थे रेकी, रात में देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य पहले कार से इलाके की रेकी करते थे। वे खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में नई लग रही हाईटेंशन बिजली लाइनों को निशाना बनाते थे। जगह तय करने के बाद रात के समय सभी सदस्य अलग-अलग वाहनों से मौके पर पहुंचते थे और सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी बिजली के खंभों पर चढ़कर इलेक्ट्रिक वायर कटर और ब्लेड की मदद से तार काटते थे। इस दौरान सुरक्षा के लिए दस्तानों का इस्तेमाल भी करते थे, ताकि किसी तरह का खतरा न हो।

ढाई टन चोरी का तार और कई वाहन बरामद
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब ढाई टन चोरी किया गया बिजली का तार बरामद किया है। इसके साथ ही गिरोह के इस्तेमाल में आने वाले चार वाहन भी जब्त किए गए हैं। बरामद वाहनों में दो पिकअप, एक अर्टिगा कार और एक छोटा हाथी शामिल है। इसके अलावा तार काटने के कई उपकरण भी पुलिस को मिले हैं, जिनका उपयोग चोरी के दौरान किया जाता था।
कई राज्यों में फैला था गिरोह का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह केवल शामली तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान, बुलंदशहर, मेरठ, हापुड़ और अन्य जिलों तक फैला हुआ था। शामली के बाबरी क्षेत्र में भी इस गिरोह ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया था, जहां करीब 1200 मीटर लंबा बिजली का तार काट लिया गया था। इन घटनाओं के बाद विद्युत विभाग की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार इस गिरोह की तलाश में जुटी हुई थी।
देश के अलग-अलग शहरों के आरोपी शामिल
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नई दिल्ली, बुलंदशहर, फिरोजाबाद और मुजफ्फरनगर के लोग शामिल हैं। पुलिस ने जिन मुख्य आरोपियों को पकड़ा है, उनमें दीपक कुमार उर्फ गोलू, नितीश कुमार, इंद्रजीत, आकाश, नीरज, जुगनू, देवेंद्र गुप्ता, फरमान, अफसर और मुशीद शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के 6 अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
चोरी के बाद तार छिपाने का था अनोखा तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे चोरी किए गए तारों को तुरंत अपने साथ नहीं ले जाते थे। पुलिस से बचने के लिए वे इन तारों को जंगलों या सुनसान इलाकों में छिपा देते थे। बाद में मौका मिलने पर वे अलग-अलग वाहनों से उन तारों को धीरे-धीरे निकालकर ले जाते थे। इस तरीके से वे लंबे समय तक पुलिस की नजर से बचते रहे।
पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में मचा हड़कंप
इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके में अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से बिजली तार चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगेगी। साथ ही, पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और अन्य जिलों की पुलिस के साथ भी समन्वय बनाकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
जनता को मिलेगी राहत
इस गिरोह के पकड़े जाने से बिजली व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है। लगातार हो रही तार चोरी से जहां बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही थी, वहीं सरकार को भी आर्थिक नुकसान हो रहा था।










