उत्तर प्रदेश बेलहरा। नगर पंचायत बेलहरा में इन दिनों खनन माफियाओं का बोलबाला देखने को मिल रहा है। खुलेआम नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध मिट्टी खनन और उसकी ढुलाई का काम तेजी से चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह गतिविधियां दिन के साथ-साथ देर शाम तक जारी रहती हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
रात तक सड़कों पर दौड़ते रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली
स्थानीय लोगों के अनुसार, रात करीब 8 बजे तक मुख्य सड़कों पर मिट्टी से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर बेधड़क दौड़ते रहे। इन वाहनों की आवाजाही इतनी ज्यादा होती है कि आम लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब खुलेआम हो रहा है, लेकिन इसे रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। इससे माफियाओं के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं।

सड़कें हो रहीं खराब, बढ़ रही परेशानी
अवैध खनन और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही का सीधा असर सड़कों पर पड़ रहा है। कई जगहों पर सड़कें टूटने लगी हैं और गड्ढों में बदलती जा रही हैं। इसके अलावा, मिट्टी की ढुलाई के कारण उड़ने वाली धूल से आसपास के लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गंदगी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल बनती जा रही है।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन माफिया बिना किसी डर के अपना काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करे, तो इस तरह की गतिविधियों पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है।ग्रामीणों ने यह भी कहा कि रात के समय हो रही इस अवैध ढुलाई पर निगरानी की कमी साफ दिखाई देती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
सरकारी राजस्व को भी हो रहा नुकसान
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा कारोबार नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। अवैध खनन से सरकार को मिलने वाला राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। बिना अनुमति के मिट्टी निकालने से जमीन की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
बेलहरा के नागरिकों ने जिलाधिकारी और खनन विभाग से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि जल्द से जल्द छापेमारी कर अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो सड़कों की हालत और खराब हो जाएगी और आम जनजीवन पर इसका गंभीर असर पड़ेगा।
समस्या के समाधान की जरूरत
यह मामला सिर्फ अवैध खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कानून व्यवस्था, पर्यावरण और आम लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन इस पर गंभीरता से ध्यान दे और ठोस कदम उठाए।










