Israel Muslim Countries Relations: इजरायल का कट्टर दुश्मन कौन? मुस्लिम देशों में कितने दोस्त, कितने दुश्मन – 2026 की पूरी लिस्ट!

Israel Muslim Countries Relations: मुस्लिम देशों से इजरायल की दुश्मनी और दोस्ती, ईरान सबसे बड़ा खतरा, यूएई-बहरीन बने साथी!

Israel Muslim Countries Relations: मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल एक बार फिर गरम है। इजरायल के हालिया फैसलों, खासकर वेस्ट बैंक में नियंत्रण मजबूत करने के कदमों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। कई देशों ने इन फैसलों को शांति के लिए खतरा बताया है। ऐसे में सवाल उठता है कि इजरायल के मुस्लिम देशों से रिश्ते कैसा हैं? किन मुस्लिम देशों का इजरायल कट्टर दुश्मन है और किन्हें वो अपना दोस्त मानता है? आइए जानते हैं पूरी कहानी।

इजरायल का जन्म और शुरुआती दुश्मनी/Israel Muslim Countries Relations

इजरायल का गठन 1948 में हुआ था। इसी साल से उसके आसपास के कई मुस्लिम बहुल देशों के साथ संघर्ष शुरू हो गया। अरब-इजरायल युद्धों (1948, 1967, 1973) में मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, इराक जैसे देशों ने इजरायल पर हमले किए। फिलिस्तीन मुद्दा आज भी सबसे बड़ा विवाद है, जिसकी वजह से ज्यादातर मुस्लिम देश इजरायल की नीतियों का विरोध करते रहे हैं। फिलिस्तीन को लेकर इजरायल पर कब्जे और वेस्ट बैंक, गाजा जैसे इलाकों में कार्रवाई का आरोप लगता रहा है।

वेस्ट बैंक विवाद: नई बहस का केंद्र

फरवरी 2026 में इजरायल कैबिनेट ने वेस्ट बैंक में नियंत्रण मजबूत करने के फैसले लिए। फिलिस्तीनी पक्ष ने इसे अप्रत्यक्ष कब्जा करार दिया। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने 23 फरवरी को संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि ये फैसले अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं। इस बयान पर सऊदी अरब, मिस्र, कतर, ब्राजील, फ्रांस, स्पेन समेत कई देशों ने हस्ताक्षर किए। अरब लीग और ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने भी चिंता जताई। ये घटना दिखाती है कि फिलिस्तीन मुद्दा अभी भी मुस्लिम देशों के लिए संवेदनशील है।

इजरायल के कट्टर विरोधी मुस्लिम देश

इजरायल के कई मुस्लिम देशों से लंबे समय से तनाव है। सीमावर्ती देशों में शामिल हैं:

  • सीरिया: गोलान हाइट्स विवाद के कारण दुश्मनी। कई युद्ध हुए।
  • लेबनान: हिजबुल्लाह के कारण लगातार टकराव।
  • इराक: इतिहास में हमले, फिलिस्तीन मुद्दे पर विरोध।
  • ईरान: सबसे बड़ा दुश्मन। ईरान इजरायल को मिटाने की धमकी देता रहा है। प्रॉक्सी ग्रुप्स (हिजबुल्लाह, हमास) के जरिए टकराव।
  • फिलिस्तीन: मुख्य विवाद का केंद्र। हमास जैसे ग्रुप्स के साथ युद्ध।
  • अन्य: अल्जीरिया, लीबिया, कुवैत, सूडान, ट्यूनीशिया जैसे देशों ने इतिहास में विरोध जताया या हमले किए।

ये देश फिलिस्तीन मुद्दे पर इजरायल की नीतियों का कड़ा विरोध करते हैं। कई में कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं।

इजरायल के मुस्लिम दोस्त: अब्राहम एकॉर्ड्स का असर

समय के साथ कुछ मुस्लिम देशों ने इजरायल के साथ संबंध सुधारे। 2020 में अब्राहम एकॉर्ड्स के तहत यूएई, बहरीन, मोरक्को और सूडान ने सामान्य संबंध स्थापित किए। ये समझौते अमेरिका की मध्यस्थता से हुए।

  • अजरबैजान: सबसे मजबूत दोस्त। शिया मुस्लिम बहुल होने के बावजूद ऊर्जा, व्यापार और रक्षा में गहरे समझौते। इजरायल इसे रणनीतिक साझेदार मानता है।
  • तुर्की: जटिल संबंध, लेकिन कभी-कभी सहयोग।
  • कजाकिस्तान: हाल ही में अब्राहम एकॉर्ड्स में शामिल। पहले से मान्यता, अब औपचारिक।
  • मिस्र और जॉर्डन: 1979 और 1994 के शांति समझौतों से राजनयिक संबंध। हालांकि, फिलिस्तीन मुद्दे पर तनाव रहता है।

2025-2026 में अब्राहम एकॉर्ड्स का विस्तार जारी है। कजाकिस्तान के शामिल होने के बाद सऌदी अरब, इंडोनेशिया जैसे देशों पर चर्चा है, लेकिन फिलिस्तीन राज्य की मांग के कारण सऌदी अरब अभी दूर है। कुछ सेंट्रल एशियाई देश भी शामिल हो सकते हैं।

वर्तमान स्थिति: बदलते रिश्ते

इजरायल के साथ कुल 20 से ज्यादा मुस्लिम बहुल देशों के राजनयिक संबंध हैं, लेकिन ज्यादातर विरोधी बने हुए हैं। ईरान और उसके प्रॉक्सी सबसे बड़े खतरे हैं। अब्राहम एकॉर्ड्स ने मिडिल ईस्ट में नई उम्मीद जगाई, लेकिन गाजा-वेस्ट बैंक विवाद ने चुनौतियां बढ़ाईं। यूएई जैसे देशों ने वेस्ट बैंक एनेक्सेशन को ‘रेड लाइन’ बताया है।

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