केंदुआ : मंगलवार को डैफोडिल्स बचपन एवं एकेडमी विद्यालय करकेंद, धनबाद में पूर्वाह्न 8:30 बजे से संविधान निर्माता बाबा साहेब डा० भीमराव अम्बेडकर की जन्म जयंती एवं सत्र- 2025-26 की सत्रांत परीक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम संविधान के महान शिल्पकार एवं निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया, तत्पश्चात विद्यालय संस्थापक स्व. चंडी चरण बनर्जी (चंडी सर) को भी नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विद्यालय के प्राचार्य आदरणीय तापस बनर्जी ने डा० भीमराव अम्बेडकर की जीवनी एवं स्वतंत्र भारत के उत्थान में उनके द्वारा किए गए योगदानों का विस्तार से प्रकाश डाला। बारी-बारी से सभी शिक्षकगण एवं शिक्षिकाओं ने डा० भीमराव अंबेडकर के योगदानों का बखान अपने मुखारविंद से किया तत्पश्चात छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत करने का कार्य-क्रम प्रारंभ किया गया। वर्ग – नर्सरी से नवम वर्ग तक के सभी छात्र-छात्राओं को, जिन्होंने वार्षिक परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया उन्हें मेडल एवं उनके अभिभावकों को आकर्षक उपहार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।

शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले छात्र एवं छात्राओं को भी मेडल एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय के शिक्षकगण एवं शिक्षिकाओं को भी आकर्षक मेडल, शिल्ड तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं में वर्ष -2025-26 में विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वालों में प्रथम स्थान – विद्यालय की शिक्षिका देवाश्री नाहा, द्वितीय स्थान- शास्वत रंजन कर तथा तृतीय स्थान चन्दन पासवान एवं अनिल सिंह थे, विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने इन कर्मवीरों का करतल ध्वनि के साथ इनके हौसले को आफजाई किया।
इस भव्य समारोह को चार चांद लगाने में विद्यालय की संगीत शिक्षिका मीताली चटर्जी एवं उनके पति हराधन चटर्जी ने अपने सुरीले भजन एवं गीत से उपस्थित जनमानस को मंत्र-मुग्ध कर दिया। संगीत के सुर संग्राम में इन दोनों ने ऐसा समा बांधा कि दर्शक दीर्घा तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो उठा।
इस भव्य कार्यक्रम का संचालन विद्यालय शिक्षक प्रमोद कुमार सिन्हा एवं शिक्षिका सुमन सिंह ने किया जबकि अध्यक्षता विद्यालय के उपप्राचार्य देवाशीष मुखर्जी ने किया। कार्य-क्रम का समापन प्राचार्य तापस बनर्जी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ किया गया।










