Raebareli : जनपद रायबरेली में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवक पंचायत मित्र वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के जिला अध्यक्ष प्रेम शंकर दीक्षित की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान संगठन के जिला महामंत्री योगेश मौर्य ने बताया कि ग्राम रोजगार सेवक पिछले 19 वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की बात करने वाली सरकार के दौर में भी ग्राम रोजगार सेवक संविदा रूपी व्यवस्था में काम करने को मजबूर हैं।

उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के समय जब पूरा देश घरों में था, तब ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मनरेगा के तहत प्रवासी मजदूरों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद आज तक उनकी सेवाओं को स्थायी नहीं किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने सरकार से कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित करने, जियो ट्रैकिंग और एनएमएमएस ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने के लिए स्मार्टफोन और इंटरनेट पैक का खर्च देने, तथा नियमितीकरण होने तक महंगाई को देखते हुए अलग बजट से प्रति माह 30 हजार रुपये मानदेय देने की मांग शामिल है।
इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि ग्राम रोजगार सेवकों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाए और वर्ष 2021 में मनरेगा महा सम्मेलन में घोषित सभी नीतियों को लागू किया जाए।
धरना-प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की। ग्राम रोजगार सेवकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा।










